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दमोह जनसुनवाई में बच्चों की फरियाद सुनते ही एक्शन में आए कलेक्टर,कीचड़ भरे रास्ते पर सड़क बनाने के तत्काल निर्देश...
सात स्कूली बच्चों की शिकायत पर मौके पर लिया फैसला,दिव्यांग बुजुर्ग की समस्या भी खुद जाकर सुनी; संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
दमोह।मध्यप्रदेश के दमोह जिले की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली की सकारात्मक तस्वीर पेश की। सुनपुरा गांव से आए सात स्कूली बच्चों ने स्कूल तक जाने वाले कीचड़ भरे रास्ते की परेशानी कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के सामने रखी। बच्चों की बात सुनते ही कलेक्टर ने बिना देर किए जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे को अगले ही दिन से सड़क निर्माण शुरू कराने के निर्देश दे दिए।स्कूल जाने की परेशानी बताई,तुरंत मिला समाधान
बच्चों ने बताया कि बरसात के दौरान रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। हालत यह है कि ऑटो भी गांव तक नहीं पहुंच पाता, जिससे रोज स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कलेक्टर ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा किसी भी कारण से प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और जल्द ही सड़क निर्माण शुरू कराया जाएगा।
बच्चों को दिए बिस्किट,पढ़ाई जारी रखने की दी सीख
सिर्फ निर्देश देने तक ही बात सीमित नहीं रही। कलेक्टर ने बच्चों को बिस्किट भी दिए और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि स्कूल आने-जाने की परेशानी जल्द खत्म हो जाएगी।
दिव्यांग बुजुर्ग के पास खुद पहुंचे कलेक्टर
जनसुनवाई के दौरान ट्राइसाइकिल से पहुंचे एक दिव्यांग बुजुर्ग की समस्या भी कलेक्टर ने संवेदनशीलता के साथ सुनी। वे स्वयं बुजुर्ग के पास पहुंचे, उनकी बात ध्यान से सुनी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
दोपहर तक चली जनसुनवाई,हर आवेदन पर गंभीरता
दोपहर बाद पहुंचे अन्य आवेदकों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया। कई मामलों में अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
अब धरातल पर दिखेगा प्रशासनिक फैसला?
जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान देना भी है। सुनपुरा के बच्चों की सड़क और दिव्यांग बुजुर्ग की समस्या पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश प्रशासन की सक्रियता का संकेत हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि ये निर्देश कितनी जल्दी जमीन पर दिखाई देते हैं।
