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टीकमगढ़ में राशन की बोरी से निकलीं जानवर की हड्डियां!गरीबों का फूटा गुस्सा,उचित मूल्य दुकान सील
पीडीएस व्यवस्था पर बड़ा सवाल,गेहूं की बोरी खोलते ही मचा हड़कंप;जांच शुरू,दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी
टीकमगढ़।मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जिले के नन्ही टेहरी स्थित उचित मूल्य दुकान पर गरीब हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले गेहूं की बोरी से कथित तौर पर जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद राशन लेने पहुंचे लोगों ने वितरण का विरोध करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।गेहूं की बोरी खुलते ही उड़ गए होश
जानकारी के मुताबिक लक्ष्मणपुरा की उचित मूल्य दुकान बंद होने के कारण वहां के हितग्राहियों को अस्थायी रूप से नन्ही टेहरी की दुकान से राशन दिया जा रहा था। सोमवार को कोमल लोधी और परम लोधी राशन लेने पहुंचे। जैसे ही उनके सामने गेहूं की बोरी खोली गई, उसमें कुछ संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। पूरी बोरी खाली करने पर कथित रूप से जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलने का दावा किया गया।
इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण दुकान पर एकत्र हो गए।
गरीबों के राशन में लापरवाही या बड़ी चूक?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बोरी नहीं खुलती तो यही अनाज सीधे उनके घरों तक पहुंच जाता। लोगों ने सवाल उठाया कि भंडारण, परिवहन और वितरण के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। घटना ने खाद्यान्न की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाद्य विभाग हरकत में,दुकान सील
सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के बाद राशन वितरण तत्काल रोक दिया और उचित मूल्य दुकान को एहतियातन सील कर दिया। संदिग्ध बोरी और अनाज के नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
विभाग ने हितग्राहियों को आश्वस्त किया है कि यदि अनाज में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे वापस लेकर नया एवं सुरक्षित राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
पीडीएस व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर बहस तेज हो गई है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि हड्डियां अनाज की बोरी तक किस स्तर पर पहुंचीं। यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल खाद्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
