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अल्ट्रा क्लीन कंपनी पर जांच का शिकंजा कसना शुरू, मानवाधिकार आयोग के बाद अब EPFO ने भी मांगा पूरा रिकॉर्ड...
भोपाल से जबलपुर पहुंचा जांच का आदेश,कर्मचारियों के EPF,वेतन भुगतान और श्रम कानूनों से जुड़े आरोपों की होगी पड़ताल
जबलपुर|अमित तिवारी की विशेष रिपोर्टनगर निगम जबलपुर की आउटसोर्स एजेंसी अल्ट्रा क्लीन कंपनी के खिलाफ लगाए गए कथित वित्तीय और श्रम संबंधी आरोप अब जांच एजेंसियों के दायरे में आते दिखाई दे रहे हैं। मानवाधिकार आयोग में शिकायत के बाद अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भी मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने शिकायत को जांच के लिए EPFO क्षेत्रीय कार्यालय,जबलपुर भेज दिया है।
यदि जांच आगे बढ़ती है,तो यह मामला केवल EPF तक सीमित नहीं रह सकता,बल्कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, श्रम कानूनों के पालन और रिकॉर्ड की जांच तक भी पहुंच सकता है।
क्या है पूरा मामला?
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता धर्मराज सिंह द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के EPF अंशदान,वेतन भुगतान और अन्य श्रमिक अधिकारों से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताएं हुई हैं।
शिकायत में कंपनी के डायरेक्टर मुकेश कालवे और जनरल मैनेजर विकास रजक का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई है।
भोपाल कार्यालय ने क्या कहा?
EPFO के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मामला क्षेत्रीय कार्यालय,जबलपुर के अधिकार क्षेत्र में आता है।इसलिए शिकायत का परीक्षण कर उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी तथा आवश्यकता होने पर लागू कानूनों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में किन दस्तावेजों की हो सकती है पड़ताल?
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान निम्न दस्तावेजों का मिलान किया जा सकता है—
•कर्मचारियों का EPF रिकॉर्ड
•वेतन भुगतान रजिस्टर
•EPFO में जमा अंशदान का विवरण
•कर्मचारियों की उपस्थिति और सेवा रिकॉर्ड
•श्रम कानूनों के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज
हालांकि,जांच पूरी होने तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीद
नगर निगम के विभिन्न विभागों में कार्यरत कई आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से EPF और वेतन भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर शिकायत करते रहे हैं। उनका मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
अब नजर जबलपुर EPFO की जांच पर
नगर निगम की आउटसोर्स व्यवस्था से जुड़े इस मामले में अब सबकी निगाहें EPFO जबलपुर की जांच पर टिकी हैं।जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप किस हद तक सही पाए जाते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।संबंधित पक्ष का जवाब और जांच रिपोर्ट दोनों इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
