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बंद संकल्प अस्पताल को फिर शुरू करने की तैयारी?स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
नगर निगम की कार्रवाई के बाद बंद हुआ था अस्पताल, अब दोबारा संचालन की चर्चाओं ने बढ़ाई हलचल
खास रिपोर्ट अमित तिवारी
जबलपुर।धनवंतरी नगर स्थित संकल्प अस्पताल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।कुछ समय पहले नगर निगम द्वारा भवन संबंधी मानकों और आवश्यक नियमों के पालन में कमियां पाए जाने के बाद अस्पताल का संचालन बंद कराया गया था।अब स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में अस्पताल को पुनःशुरू कराने की तैयारियों की चर्चाएं तेज हो गई हैं।इन चर्चाओं ने न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बल्कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या पूरी हो गईं वे कमियां,जिनके कारण बंद हुआ था अस्पताल?
संकल्प अस्पताल पर हुई कार्रवाई के समय भवन संबंधी मानकों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक नियमों को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं।ऐसे में यदि अस्पताल को दोबारा संचालन की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू हो रही है,तो सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या पूर्व में चिन्हित सभी कमियों को दूर कर लिया गया है?
यदि सुधार कार्य पूरे हो चुके हैं,तो संबंधित तकनीकी रिपोर्ट, निरीक्षण दस्तावेज और अनुमति प्रक्रिया सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि किसी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति न बने।
जांच पूरी होने से पहले अनुमति की तैयारी?
सूत्रों के अनुसार अस्पताल को पुनःसंचालित कराने के लिए विभागीय स्तर पर गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।हालांकि अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की है।इसके बावजूद अंदरखाने चल रही चर्चाओं ने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी भी अस्पताल को संचालन की अनुमति देने से पहले सभी नियमों, सुरक्षा मानकों और भवन संबंधी प्रावधानों का भौतिक सत्यापन आवश्यक है।बिना स्पष्ट जांच रिपोर्ट के किसी भी प्रकार की जल्दबाजी सवालों को जन्म दे सकती है।
पारदर्शिता नहीं होगी तो बढ़ेंगे संदेह
अस्पताल को पुनः शुरू कराने को लेकर कथित स्तर पर चल रही चर्चाओं ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।यदि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार हो रही हैं,तो संबंधित विभागों को निरीक्षण रिपोर्ट,अनुमति प्रक्रिया और मानकों के अनुपालन की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है,क्योंकि यहां सीधे लोगों के जीवन और सुरक्षा का विषय जुड़ा होता है।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
किसी भी अस्पताल के संचालन के लिए भवन सुरक्षा,फायर सेफ्टी,स्वच्छता, आपातकालीन व्यवस्था,चिकित्सा संसाधन और प्रशिक्षित स्टाफ जैसे मानकों का पालन अनिवार्य होता है।इन नियमों का उद्देश्य केवल कानूनी औपचारिकता पूरी करना नहीं,बल्कि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इसी कारण संकल्प अस्पताल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की नजरें स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
सीएमएचओ का पक्ष नहीं आया सामने
इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)डॉ.नवीन कोठारी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया,लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
