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Jabalpur News:साइंस कॉलेज में आमने-सामने आए एनएसयूआई और एबीवीपी,छात्र संघ चुनाव की आहट के बीच तेज हुई सियासत

जबलपुर | शिक्षा | छात्र राजनीति

साइंस कॉलेज में आमने-सामने आए एनएसयूआई और एबीवीपी,छात्र संघ चुनाव की आहट के बीच तेज हुई सियासत

भारी बारिश में जमकर हुई नारेबाजी,पुलिस की मौजूदगी में टला विवाद

जबलपुर।मध्य प्रदेश में छात्र संघ चुनावों को लेकर चर्चाएं तेज होते ही कॉलेज परिसरों में छात्र राजनीति भी सक्रिय होती दिखाई दे रही है।इसी कड़ी में शुक्रवार शाम जबलपुर के शासकीय साइंस कॉलेज में एनएसयूआई (NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP)के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।भारी बारिश के बावजूद दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की,जिससे परिसर का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।

छात्र संघ चुनाव की सुगबुगाहट से बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

प्रदेश में लंबे समय से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठ रही है।चुनाव की संभावनाओं के बीच विभिन्न छात्र संगठन कॉलेजों में अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।साइंस कॉलेज में हुई यह घटना भी इसी बढ़ती राजनीतिक हलचल का हिस्सा मानी जा रही है।

एनएसयूआई ने लगाया सदस्यता अभियान पर सवाल

एनएसयूआई के नेता अनुराग शुक्ला ने आरोप लगाया कि एबीवीपी द्वारा कॉलेज परिसर में जबरन रसीद काटकर सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है।उनका कहना था कि एनएसयूआई कॉलेज की शैक्षणिक सुविधाओं,लैब,कंप्यूटर व्यवस्था और बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने जैसी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंची थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी,जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

एबीवीपी ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं एबीवीपी के सीडब्ल्यूसी सदस्य माखन शर्मा ने एनएसयूआई के आरोपों को खारिज कर दिया।उनका कहना था कि परिषद का सदस्यता अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और एनएसयूआई कार्यकर्ता अनावश्यक विरोध कर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे थे।

एबीवीपी का दावा है कि कॉलेज के अधिकांश छात्रों ने उनके सदस्यता अभियान का समर्थन किया और विरोध को गंभीरता से नहीं लिया।

भारी बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन

मूसलाधार बारिश के बावजूद दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता कॉलेज परिसर और उसके बाहर डटे रहे।बारिश के बीच लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन का दौर चलता रहा,जिससे परिसर में छात्रों और राहगीरों का ध्यान इस घटनाक्रम की ओर खिंच गया।

पुलिस की मुस्तैदी से टली अप्रिय घटना

स्थिति को देखते हुए कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।पुलिस अधिकारियों की सतर्कता के चलते दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की हिंसक झड़प नहीं हुई और समय रहते हालात नियंत्रित कर लिए गए।

छात्र राजनीति में बढ़ सकती है और गर्माहट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव की घोषणा होती है,तो आने वाले दिनों में कॉलेज परिसरों में छात्र संगठनों की सक्रियता और बढ़ सकती है।साइंस कॉलेज की यह घटना उसी राजनीतिक माहौल की शुरुआती झलक मानी जा रही है।

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