जबलपुर | स्वास्थ्य | प्रशासनिक कार्रवाई
बिना वैध पंजीयन चल रहा था पैथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर,जांच दल ने किया सील
राइट टाउन में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई,एक्सपायर पंजीयन और स्टाफ की योग्यता संबंधी दस्तावेज नहीं मिले
जबलपुर।राइट टाउन स्थित पेथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला स्तरीय जांच दल ने सेंटर को तत्काल सील कर दिया।कार्रवाई 12 अगस्त 2026 को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.नवीन कोठारी के मार्गदर्शन में की गई।
मदन महल स्टेशन रोड,राइट टाउन स्थित सेंटर का जिला स्तरीय दल ने आकस्मिक निरीक्षण किया।जांच के दौरान सेंटर का जो पंजीयन दस्तावेज प्रस्तुत किया गया,उसकी वैधता मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुकी थी।बताया गया कि पंजीयन के नवीनीकरण के लिए भी अब तक कोई प्रक्रिया नहीं की गई थी।
पंजीयन समाप्त,फिर भी जारी था संचालन
जांच में सामने आया कि सेंटर के पास उपलब्ध पंजीयन की अवधि समाप्त हो चुकी थी।इसके बावजूद सेंटर का संचालन जारी पाया गया।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।
जांच दल ने सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों से संबंधित शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण से जुड़े प्रमाण-पत्र भी मांगे,लेकिन मौके पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
लैब स्टाफ मौके पर मिला,पैथोलॉजिस्ट नहीं पहुंचीं
निरीक्षण के दौरान लैब हेड लकी सिंह,लैब टेक्नीशियन आरती नेमा और सेल्स प्रबंधक अनिल गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद मिले।
सेंटर में पैथोलॉजिस्ट डॉ.अमिता त्रिवेदी के कार्यरत होने की जानकारी जांच दल को दी गई।टीम ने उन्हें फोन कर कार्रवाई में सहयोग के लिए मौके पर उपस्थित होने को कहा,लेकिन वे जांच दल के समक्ष उपस्थित नहीं हुईं।
तीन दिन में दस्तावेज जमा करने के निर्देश
जांच दल ने सेंटर में मौजूद स्टाफ को निर्देश दिए कि लैब से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज तीन दिन के भीतर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं।
दस्तावेजों की जांच के बाद सेंटर के संचालन और संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद बिना वैध पंजीयन संचालित हो रहे डायग्नोस्टिक सेंटरों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई कार्रवाई से यह संदेश गया है कि जांच और पंजीयन संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है।
अब देखना होगा कि पेथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और स्वास्थ्य विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।
