Vikas ki kalam

Politics:मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी का विखंडन स्वीकार नहीं,जबलपुर के अधिकारों पर हर स्तर पर होगा विरोध:कांग्रेस

Politics|Jabalpur News|Madhya Pradesh

मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी का विखंडन स्वीकार नहीं, जबलपुर के अधिकारों पर हर स्तर पर होगा विरोध:कांग्रेस

कांग्रेस बोली-विश्वविद्यालय के किसी भी हिस्से को जबलपुर से हटाने का फैसला जनभावनाओं के खिलाफ

NSUI के आंदोलन से हुई थी स्थापना,सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी

जबलपुर।मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के संभावित विखंडन और उसके एक हिस्से को उज्जैन स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध जताया है।नगर कांग्रेस कमेटी का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय के किसी भी विभाग को जबलपुर से हटाने का निर्णय लिया गया तो इसका लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध किया जाएगा।

नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रिज़वान अली कोटी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्ष 2011 में मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना जबलपुर में NSUI के लंबे संघर्ष,जन- आंदोलन और छात्र-युवा शक्ति के प्रयासों के परिणामस्वरूप हुई थी।उनका दावा है कि वर्ष 2010-11 में इस मांग को लेकर व्यापक आंदोलन किए गए थे,जिनका उद्देश्य महाकौशल क्षेत्र को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाना था।

'जबलपुर के अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं'

कांग्रेस का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय का विखंडन कर उसके किसी भाग को उज्जैन स्थानांतरित किया जाता है,तो इससे विश्वविद्यालय की मूल अवधारणा प्रभावित होगी।साथ ही जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र के विद्यार्थियों,शोधार्थियों, चिकित्सकों तथा आम नागरिकों के हितों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसे किसी अन्य क्षेत्र के विकास से कोई आपत्ति नहीं है,लेकिन पहले से स्थापित और संचालित विश्वविद्यालय को विभाजित करना उचित नहीं माना जा सकता।यदि सरकार नए संस्थान खोलना चाहती है तो नए विश्वविद्यालय स्थापित करे,लेकिन जबलपुर के अधिकारों और उसकी ऐतिहासिक उपलब्धियों से समझौता नहीं होना चाहिए।

सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग

कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन अथवा उसके किसी भी विभाग को जबलपुर से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए।पार्टी का कहना है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो छात्र संगठन,जनप्रतिनिधि,सामाजिक संगठन और जबलपुर की जनता लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जन-आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

क्रमबद्ध आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जबलपुर की जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है और मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन का पुरजोर विरोध करेगी।बादल पंजवानी,कपिल भोजक,सागर शुक्ला,अमित सोनकर,रिंकू बदलानी,आयुष पहारिया,शफ़ी खान और एजाज़ अंसारी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ क्रमबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।

नोट:यह समाचार कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उसमें व्यक्त दावों पर आधारित है।सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जा सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

If you want to give any suggestion related to this blog, then you must send your suggestion.

और नया पुराने