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जब्त लकड़ियां भी नहीं सुरक्षित!वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल,तीन ट्रक माल गायब होने का आरोप
गौर में अवैध आरा मशीन पर कार्रवाई के बाद नया विवाद, सुरक्षा में तैनात वन कर्मियों की भूमिका पर सवाल
जबलपुर।गौर क्षेत्र में अवैध आरा मशीन पर वन विभाग की कार्रवाई अब नए विवाद में घिरती नजर आ रही है। कुछ सप्ताह पहले वन विभाग ने गौर पुलिस चौकी के सामने संचालित एक अवैध आरा मशीन पर छापामार कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में लकड़ियां जब्त की थीं और मशीन को सील कर दिया था। कार्रवाई के दौरान विभाग ने लकड़ियों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की ड्यूटी लगाने का दावा भी किया था, लेकिन अब स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जब्त की गई लकड़ियां धीरे-धीरे गायब हो रही हैं और खुलेआम बेची जा रही हैं।
कार्रवाई के बाद भी नहीं रुका खेल
वन विभाग ने अवैध आरा मशीन संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में लकड़ियां जब्त की थीं। अधिकारियों का कहना था कि बरामद अधिकांश लकड़ियां जलाऊ श्रेणी की थीं और बारिश के मौसम के कारण उन्हें तत्काल डिपो तक पहुंचाना संभव नहीं था। इसी वजह से मौके पर ही लकड़ियों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की तैनाती की गई थी।
हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद हो गई और जब्त लकड़ियों को काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदलकर बेचा जाने लगा।
वन कर्मी गायब, लकड़ियां बिकने का आरोप
क्षेत्रवासियों के अनुसार जिन वन कर्मियों को जब्त माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वे मौके पर दिखाई नहीं देते। आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर लकड़ियों को इलेक्ट्रिक आरी और कुल्हाड़ी की मदद से काटा जा रहा है और फिर उन्हें बेचा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभागीय निगरानी प्रभावी होती तो जब्त सामग्री को इस तरह गायब नहीं किया जा सकता था। इससे पूरे मामले में सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन ट्रक लकड़ी कहां गई?
सबसे बड़ा सवाल उस लकड़ी को लेकर उठ रहा है, जिसे कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया था। स्थानीय लोगों का दावा है कि वन विभाग ने करीब तीन ट्रक लकड़ियां जब्त की थीं, लेकिन अब मौके पर उस मात्रा का माल दिखाई नहीं दे रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि लकड़ियां डिपो तक नहीं पहुंचाई गईं और सुरक्षा के लिए कर्मचारी भी तैनात थे, तो आखिर इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी कहां चली गई? यह सवाल अब वन विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
अवैध कारोबार पर कार्रवाई या सिर्फ दिखावा?
गौर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अवैध आरा मशीनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। यह तीन सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। लेकिन जब जब्त सामग्री की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तब कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध लकड़ी कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केवल मशीन सील करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जब्त सामग्री की पारदर्शी निगरानी और सुरक्षित भंडारण भी जरूरी है।
डीएफओ ने जांच के दिए संकेत
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि लकड़ियों की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। यदि कर्मचारियों की लापरवाही या जब्त लकड़ियों की बिक्री जैसी शिकायतें सामने आई हैं तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
