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815 करोड़ के खेल बजट पर विधानसभा में सवाल, जबलपुर के खिलाड़ियों को अब भी नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं
विधायक लखन घनघोरिया ने सरकार को घेरा,रानी दुर्गावती वेलोड्रोम की बदहाली और फुटबॉल मैदान का मुद्दा उठाया
रिपोर्ट:अमित तिवारीभोपाल/जबलपुर।मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखन घनघोरिया ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली और जबलपुर की खेल अधोसंरचना को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल विभाग का बजट ₹815 करोड़ तक पहुंच चुका है,लेकिन जबलपुर सहित कई जिलों में खिलाड़ी आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं।
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक ने कहा कि यदि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए इतना बड़ा बजट उपलब्ध करा रही है,तो इसका वास्तविक लाभ खिलाड़ियों तक क्यों नहीं पहुंच रहा।उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश के प्रमुख शहर जबलपुर में खेल सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब क्यों होती जा रही है।
रानी दुर्गावती वेलोड्रोम की बदहाली पर जताई चिंता
लखन घनघोरिया ने जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती वेलोड्रोम की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी सदन में उठाया।उन्होंने कहा कि रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद वेलोड्रोम की स्थिति संतोषजनक नहीं है।उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री से स्वयं स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
जबलपुर में फुटबॉल मैदान का मुद्दा भी उठा
चर्चा के दौरान विधायक ने कहा कि खेल प्रतिभाओं से समृद्ध जबलपुर में आज तक एक आधुनिक फुटबॉल मैदान उपलब्ध नहीं हो सका है।इस पर सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि फुटबॉल मैदान के निर्माण के लिए ₹6 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
बजट के उपयोग और रखरखाव पर मांगा जवाब
विधायक ने वर्ष 2022-23,2023-24,2024-25 और 2026-27 के दौरान खेल प्रतियोगिताओं,खेल सामग्री और स्टेडियमों के रखरखाव के लिए स्वीकृत राशि तथा उसके उपयोग का भी मुद्दा उठाया।उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बजट का उपयोग पारदर्शी और खिलाड़ियों के हित में हो।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई खेल परिसर और स्टेडियम रखरखाव के अभाव में बदहाल हो रहे हैं,जिससे खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।पहले से निर्मित खेल परिसंपत्तियों का संरक्षण सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
संविदा कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया
लखन घनघोरिया ने खेल विभाग में कार्यरत पांच संविदा कर्मचारियों का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया।उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है और उन्हें पिछले सात माह से वेतन भी नहीं मिला है।
सरकार से समयबद्ध कार्रवाई की मांग
चर्चा के अंत में विधायक ने कहा कि खेलों का विकास केवल बजट बढ़ाने से नहीं होगा,बल्कि खिलाड़ियों को बेहतर अधोसंरचना,सुरक्षित खेल परिसर,समय पर संसाधन और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने से होगा।उन्होंने सरकार से जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने की मांग की।
