137 वर्षों से अटूट आस्था का प्रतीक बनी भगवान जगन्नाथ की रथयात्राभव्य एवं दिव्य रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले महाप्रभु, जयघोष से गूंजा जबलपुरसाहू समाज ने निभाई 1890 से चली आ रही परंपरा, 12 दिनों तक मौसी के घर विराजेंगे भगवान
जबलपुर, विकास की कलम।
संस्कारधानी जबलपुर रविवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। शहर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का प्रतीक भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। वात्री साहू समाज द्वारा संचालित श्री जगदीश स्वामी कर्मा माई शंकर भगवान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित यह रथयात्रा अपने 137वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। वर्ष 1890 से निरंतर चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी आस्था और गरिमा के साथ निभाई जा रही है।
सुबह साहू धर्मशाला, गढ़ा फाटक स्थित अस्थायी मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का विशेष श्रृंगार और पूजन-अर्चन किया गया। दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महाआरती के पश्चात भगवान भव्य एवं सुसज्जित रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले।
रथयात्रा चरहाई, बड़े महावीर मंदिर, बड़ा फुहारा, कमानिया गेट, सराफा चौक, कोतवाली, मिलौनीगंज, घोड़ा नक्कास और हनुमानताल होते हुए बड़ी खेरमाई मंदिर पहुँची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया तथा "जय जगन्नाथ" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
जगन्नाथ पुरी की परंपरा का जीवंत स्वरूप
साहू समाज के कोठिया श्रीकान्त साहू ने बताया कि लगभग 137 वर्ष पूर्व उनके पूर्वज जगन्नाथ पुरी की यात्रा से लौटे तो उन्होंने संकल्प लिया कि जबलपुर में भी भगवान जगन्नाथ का मंदिर और रथयात्रा प्रारंभ की जाए। छोटे स्तर से शुरू हुई यह यात्रा आज शहर की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक परंपराओं में शामिल हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापित भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की काष्ठ प्रतिमाएँ उसी पवित्र लकड़ी से निर्मित हैं, जिससे जगन्नाथ पुरी की प्रतिमाओं का निर्माण किया गया था। यही इस मंदिर की विशिष्ट पहचान है।
12 दिनों तक मौसी के घर रहेंगे महाप्रभु
परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ बड़ी खेरमाई स्थित सिंहवाहनी मंदिर, जिसे भगवान की मौसी का घर माना जाता है, वहाँ 12 दिनों तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को वापसी रथयात्रा निकाली जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने की महाआरती
रथयात्रा महोत्सव में जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सांसद आशीष दुबे, विधायक लखन घनघोरिया, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, पूर्व महापौर प्रभात साहू, पूर्व विधायक शरद जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान की महाआरती में सहभागिता कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
विकास की कलम | विशेष
137 वर्षों की विरासत
स्वर्गीय वीरनलाल चौधरी, स्व. नारायण प्रसाद मेहते, स्व. बाबूलाल साहू, स्व. खित्तेलाल मेट और स्व. भगोलेलाल साहू द्वारा शुरू की गई इस ऐतिहासिक रथयात्रा की परंपरा को आज चौधरी मुकेश कुमार साहू, राजेंद्र साहू, श्रीकान्त साहू, रवि मेहते, चंद्रशेखर साहू सहित साहू समाज की नई पीढ़ी पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रही है।
— विकास की कलम
