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JEC छात्र की आत्महत्या:सप्लीमेंट्री ने बढ़ाया तनाव, हॉस्टल के कमरे में फंदे पर मिला शव
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का छात्र था ओम पांडे,पुलिस जांच में पढ़ाई से जुड़े तनाव की बात आई सामने
जबलपुर।शहर के रांझी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल में Jabalpur Engineering College(JEC) के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में प्रारंभिक जांच के दौरान एक अहम वजह सामने आई है।पुलिस के अनुसार छात्र कुछ विषयों में सप्लीमेंट्री आने के बाद मानसिक तनाव में था और इसी कारण वह लंबे समय से परेशान चल रहा था।
मृतक की पहचान ओम पांडे के रूप में हुई है,जो जेईसी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष (सातवें सेमेस्टर) का छात्र था।वह रांझी क्षेत्र में गांधी व्यायामशाला के पीछे स्थित एक निजी हॉस्टल में अपने दो साथियों के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था।
बीमारी से प्रभावित हुई पढ़ाई,बढ़ता गया मानसिक दबाव
पुलिस जांच में सामने आया है कि ओम पांडे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहा था।स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हुई और कुछ विषयों में उसे सप्लीमेंट्री का सामना करना पड़ा।परिवार और परिचितों के अनुसार वह पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था,इसलिए सप्लीमेंट्री आने के बाद वह खुद को लेकर काफी दबाव महसूस कर रहा था।
बताया जा रहा है कि पढ़ाई में पीछे रह जाने की चिंता ने उसके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया था।
कमरे में अकेला था छात्र,दोस्तों के लौटने पर खुला राज
घटना के समय हॉस्टल में रहने वाले उसके दोनों रूम पार्टनर अपने परिचितों से मिलने दूसरे हॉस्टल गए हुए थे।इसी दौरान ओम कमरे में अकेला था।
जब दोनों साथी वापस लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला।काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया गया, जहां छात्र फंदे से लटका मिला।
सुसाइड नोट नहीं मिला,पुलिस कर रही जांच
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलानी के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अब छात्र के दोस्तों,परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा सके।
शैक्षणिक दबाव बना चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक और मानसिक दबाव को लेकर चिंता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा,परिणाम और करियर को लेकर बढ़ता तनाव कई बार छात्रों को गंभीर मानसिक स्थिति तक पहुंचा देता है।ऐसे समय में परिवार,मित्रों और संस्थानों की संवेदनशील भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
