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सिंगरौली में स्कूल ड्यूटी के दौरान नशे के आरोप पर शिक्षिका निलंबित,DEO ने की कार्रवाई
करलो प्राथमिक स्कूल की सहायक अध्यापक श्यामवती सिंह पर जांच के बाद कार्रवाई,रिपोर्ट में ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में होने का उल्लेख
सिंगरौली।मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शासकीय स्कूल में ड्यूटी के दौरान कथित रूप से शराब के नशे में पाए जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।शासकीय प्राथमिक विद्यालय करलो में पदस्थ सहायक अध्यापक श्यामवती सिंह को जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई 7 अगस्त 2026 को जारी विभागीय आदेश के आधार पर की गई।मामले में शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई थी।
शिकायत के बाद शुरू हुई विभागीय जांच
मामले की शिकायतों के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी, चितरंगी के माध्यम से जांच कराई गई।जांच के दौरान ग्रामीणों और विद्यालय में कार्यरत लोकसेवकों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा मौके का पंचनामा भी तैयार किया गया।
जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि श्यामवती सिंह विद्यालय पहुंचने के बाद स्कूल कार्यालय के कमरे में कथित तौर पर शराब के नशे की हालत में सोती हुई पाई गईं।
अध्यापन कार्य में लापरवाही का भी आरोप
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि नशे की स्थिति के कारण उनके द्वारा अध्यापन कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं ली जाती थी।विभाग ने इन तथ्यों को शिक्षकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही से जोड़ते हुए मामले को गंभीरता से लिया।
हालांकि,निलंबन की कार्रवाई विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
पंचायत सेवा नियमों के तहत निलंबन
जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा(अनुशासन तथा अपील) नियमों के तहत श्यामवती सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।वहीं निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी,देवसर निर्धारित किया गया है।
स्कूलों में अनुशासन को लेकर विभाग का सख्त रुख
शिक्षकों की जिम्मेदारी सीधे विद्यार्थियों की शिक्षा और स्कूल के शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी होती है।ऐसे में ड्यूटी के दौरान नशे में होने संबंधी शिकायतों और शिक्षकीय कार्य में लापरवाही को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है।
सिंगरौली की इस कार्रवाई के बाद स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति,अनुशासन और कर्तव्यों के पालन को लेकर विभागीय निगरानी पर भी चर्चा तेज हो गई है।
