मध्य प्रदेश|क्राइम|लोकायुक्त कार्रवाई|भ्रष्टाचार|बिजली विभाग
बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वतखोरी का खुलासा, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
कमर्शियल कनेक्शन देने के एवज में मांगे थे 10 हजार रुपये,पहली किस्त लेते ही दबोचा गया आरोपी
ग्वालियर/अशोकनगर।मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई अशोकनगर जिले के पिपरई क्षेत्र में की गई, जहां बिजली विभाग के लाइन हेल्पर बाबूराम पटेल को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक उपभोक्ता से आटा चक्की के लिए कमर्शियल बिजली कनेक्शन जारी कराने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पहली किस्त लेते ही लोकायुक्त टीम ने दबोचा
लोकायुक्त एसपी निरंजनलाल शर्मा ने बताया कि आरोपी बाबूराम पटेल (45 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय रामलगन पटेल, प्रबंधक विद्युत कंपनी, अशोकनगर में लाइन हेल्पर के पद पर कार्यरत है। वह एमपीईबी कॉलोनी, अशोकनगर का निवासी है।
शिकायतकर्ता श्रीराम बैरागी (42 वर्ष), निवासी ग्राम कुकरेथा, तहसील पिपरई, जिला अशोकनगर ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि कमर्शियल बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
केमिकल टेस्ट में हाथ हुए गुलाबी
शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद केमिकल युक्त घोल से हाथ धुलवाने पर आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
