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रक्षाबंधन 2026:मूसलाधार बारिश भी नहीं रोक सकी भाई-बहन का प्यार,जबलपुर केंद्रीय जेल में भावुक मुलाकातों का बना यादगार दृश्य
रक्षाबंधन पर जेल परिसर में दिखा रिश्तों का अनोखा उत्सव,2300 से अधिक लोगों ने की मुलाकात
जबलपुर।रक्षाबंधन का पर्व केवल एक त्योहार नहीं,बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम,विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। संस्कारधानी जबलपुर में इस वर्ष रक्षाबंधन का यह भावनात्मक रंग नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में देखने को मिला, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश भी भाई-बहनों के प्रेम को कम नहीं कर सकी।
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने जेल पहुंचीं। जेल परिसर में भावुक मुलाकातों का ऐसा माहौल बना, जिसने हर किसी को रिश्तों की मजबूती का एहसास कराया।
जेल प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
रक्षाबंधन के अवसर पर जेल प्रशासन ने मुलाकात करने आने वाले परिजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं।परिसर में टेंट लगाए गए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और आगंतुकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया।
बारिश के बीच भी परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रशासन की तैयारियों के चलते मुलाकातें व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुईं।
बहनों ने बांधी राखी,भाइयों ने लिया नया संकल्प
रक्षाबंधन के दौरान बहनों ने अपने भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांधी और उनके सुखद भविष्य की कामना की। इस भावुक क्षण में कई बहनों ने अपने भाइयों से अपराध की दुनिया से दूर रहने और बेहतर जीवन अपनाने का वचन भी लिया।
वहीं बंदी भाइयों ने भी अपनी बहनों और परिवार के सदस्यों के सामने संकल्प लिया कि जेल से बाहर आने के बाद वे कानून का पालन करते हुए समाज की मुख्यधारा में शामिल होंगे और दोबारा अपराध का रास्ता नहीं अपनाएंगे।
650 से अधिक मुलाकातों में पहुंचे 2300 से ज्यादा लोग
जेल अधिकारियों के अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर अब तक 650 से अधिक मुलाकातों के माध्यम से 2300 से ज्यादा लोग अपने परिजनों से मिल चुके हैं।
भारी बारिश के कारण कुछ समय के लिए व्यवस्थाओं पर असर पड़ा,लेकिन मौसम साफ होते ही मुलाकातों का सिलसिला फिर से तेज हो गया।पूरे दिन जेल परिसर में भावनात्मक माहौल बना रहा।
बंदियों को मिला विशेष रक्षाबंधन भोज
रक्षाबंधन के पर्व को यादगार बनाने के लिए जेल प्रशासन ने बंदियों के भोजन में भी विशेष व्यवस्था की।कैदियों को हलवा, पूरी,सब्जी और खीर सहित विशेष भोजन उपलब्ध कराया गया।
इस पहल का उद्देश्य बंदियों को त्योहार का एहसास कराना और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना था।
रिश्तों की मिठास ने दी नई उम्मीद
रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल में हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि परिवार का साथ और रिश्तों की गर्माहट किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। बहनों की राखी और परिवार के प्रेम ने कई बंदियों को नई शुरुआत की प्रेरणा दी।
