कैसा हराया.. बोलने वाली पार्षद सहर शेख का पार्षद पद खतरे में।
विकास की कलम/मुंबई:
महाराष्ट्र असुदद्दीन ओवैसी की शेरनी बन उभरी मुंब्रा की पार्षद सहर शेख जीतने के बाद अपने एक बयान के लिए देशभर की सुर्खियों में आई थीं। उन्होंने शरद पवार गुट के नेता और स्थानीय विधायक जितेंद्र आव्हाड़ को निशाने पर लिया था। सहर शेख ने मुंब्रा को हरा रंगने वाला बयान भी दिया था। इस पर बवाल मचा था। अब ऐसा खुलासा हुआ है जिसके बाद सहर शेख की मुश्किल बढ़नी तय मानी जा रही हैं। आराेप है कि AIMIM की पार्षद बनीं सहर शेख ने गुमराह किया। उसका जाति प्रमाण पत्र नकली है। इस बार में ठाणे प्रशासन को शिकायत मिली है। इसमें सहर शेख पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने जांच की मांग की है। इसमें कहा गया है कि सहर शेख के खिलाफ फर्जी जाति सर्टिफिकेट जमा करके चुनाव लड़ा।
सहर शेख के जाति प्रमाण पत्र पर बवाल
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सहर शेख ने जाति सत्यापन विभाग, चुनाव विभाग और उप-विभागीय जिलाधिकारी कार्यालय के साथ धोखाधड़ी की है. जिसके बाद तहसीलदार उमेश पाटिल ने सहर शेख और उनके पिता यूनुस शेख के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है. यह सिफारिश उप-विभागीय जिलाधिकारी ठाणे और कोंकण विभाग जाति सत्यापन समिति को भेज दी गई है.
सहर के पिता का जाति प्रमाण पत्र भी अवैध
यह पूरा मामला सिद्दीकी अहमद नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया. उनकी शिकायत के आधार पर हुई प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि सहर के पिता का भी जाति प्रमाण पत्र अवैध था, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई शुरू हुई है।
खुलासे में कहा गया है कि युनूस इकबाल शेख उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वह काफी साल पहले महाराष्ट्र शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए फॉर्म 8 का इस्तेमाल करके अधिकारियों को गुमराह करके महाराष्ट्र से फर्जी जाति सर्टिफिकेट हासिल किया। सहर शेख ने मुंबई सिटी कलेक्ट्रेट से जाति सर्टिफिकेट हासिल किया है। ताजा मामले में सिद्दीक अहमद ने सहर शेख के जाति सर्टिफिकेट को वेरिफाई करने के लिए ठाणे सब-डिविजनल ऑफिसर के ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी। यूनुस ने फॉर्म 10 का इस्तेमाल करके अधिकारियों को गुमराह किया, जबकि फॉर्म 10 माइग्रेंट्स के लिए लागू था और नकली सर्टिफिकेट बनवाया।
सहर शेख का पार्षद पर खतरे में
बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की पार्षद सहर शेख के चुनाव जीतने के बाद दो वीडियो जमकर वायरल हुए थे. एक में वह एक सभा में कहती नजर आई थीं कि कैसा हराया. और दूसरे वीडियो में कह रह रही थीं कि पूरे मुंब्रा को हे रंग में रंग दंगे. इसे लेकर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. जिसके बाद सहर शेख ने माफी मांगी थी. उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि हरे रंग में रंगने से उनका मतलब पार्टी के हरे झंडे से था. सहर शेख एक बार फिर से विवादों में हैं.।
ठाणे तहसीलदार को मिली शिकायत के मुताबिक यूनुस 18 मार्च को हुई सुनवाई में बीमारी का हवाला देकर गैरहाजिर रहे। सुनवाई में मौजूद उसके वकीलों ने जाति सर्टिफिकेट का कलर प्रिंट और कुछ डॉक्यूमेंट्स पेश किए। 23 मार्च को जब दोबारा सुनवाई हुई, तो ठाणे तहसीलदार ने शेख के जाति सर्टिफिकेट में गलतियां दूर कर दीं। इस बीच ठाणे की रहने वाली सहर शेख के मुंबई सिटी कलेक्ट्रेट से जाति सर्टिफिकेट बनवाने के इरादे पर शक जताया जा रहा है। सहर शेख मुंब्रा इलाके के वार्ड नंबर 30 से पार्षद हैं। इस पूरे विवाद पर अभी सहर शेख की प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
