Vikas ki kalam

मंदिर में विवाद के बाद क्यों हुआ पथराव, जिला प्रशासन ने कैसे संभाली बात।

मंदिर में विवाद के बाद क्यों हुआ पथराव,
जिला प्रशासन ने कैसे संभाली बात।





विकास की कलम/सिहोरा/जबलपुर।

जबलपुर के सिहोरा तहसील के आजाद चौक क्षेत्र में रहने वालों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि देर रात मंदिर में आरती के बाद इतनी भयावह विवाद की स्थिति बन जाएगी। दरअसल गुरुवार की रात एक दुर्गा मंदिर परिसर में हुई तोड़फोड़ की खबर ने क्षेत्रीय जनों को आक्रोशित कर दिया। देखते ही देखते क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मंदिर और उसके आसपास खड़े हुए लोगों ने एक दूसरे पक्ष के ऊपर आरोप मढ़ने करने शुरू कर दिए। मंदिर में हुई तोड़फोड़ के लिए दूसरे धर्म विशेष के पक्ष को जिम्मेदार बताया जा रहा था। जिस पर दूसरा पक्ष भी अपनी बातों पर अड़ते हुए विवाद की स्थिति बनाने लगा। मौखिक विवाद और छींटा कशी देखते ही देखते बड़े विवाद में तब्दील हो गई और फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। विवाद की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से पुलिस अधिकारियों के साथ बल को रवाना किया गया।


मंदिर में मारपीट ग्रिल तोड़ने पर भड़का विवाद

क्षेत्रीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद गुरुवार की रात तकरीबन 9:00 बजे उस समय सामने आया जब मंदिर परिसर पर  कुछ लोगों ने एक अन्य युवक के साथ पिटाई करनी शुरू कर दी। यह पूरा विवाद जबलपुर से 50 किलोमीटर दूर सिहोरा तहसील के वार्ड क्रमांक 5 स्थित आजाद चौक में घटित हुआ। इस घटना के बाद दूसरे समुदाय विशेष के लोग भी मौके पर पहुंचे और विवाद ने एक नया रूप इख्तियार कर लिया। इससे पहले की कोई और बीच बचाव का रास्ता निकलता दूसरे पक्ष के गुस्साए लोगों ने देखते ही देखते पथराव शुरू कर दिया।




तत्काल मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला

घटना की सूचना मिलते ही सिहोरा थाना पुलिस सहित आसपास के थानों का अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले समझाइश का प्रयास किया। लेकिन लगातार हो रहे पत्थर बाजी को देखते हुए पुलिस ने भेल को तीतर बितर करने हल्का बल एवं आंसू गैस का इस्तेमाल किया।पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। घटना के बाद से आजाद चौक क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।



मस्जिद की छत से पथराव की बात

विवाद के बाद देखते ही देखते पत्थर बाजी की घटना ने जोर पकड़ लिया। प्रत्यक्ष दर्शियों ने जानकारी देते हुए बताया कि विवाद के बढ़ते ही मंदिर के सामने बनी मस्जिद की छत से युवकों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हालांकि विकास की कलम ऐसी किसी भी अफवाह की पुष्टि नहीं करती। और ना ही आधिकारिक तौर पर किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस जानकारी की पुष्टि की गई है लेकिन सोशल मीडिया से प्राप्त एक वीडियो में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि मस्जिद की छत से लगातार युवकों के द्वारा पत्थर फेंकने की घटना को अंजाम दिया जा रहा था और उसे दौरान लगातार पुलिस उन्हें समझाईश भी दे रही थी।





मंदिर में आरती और मस्जिद में नमाज का एक ही समय पर होना

क्षेत्रीय जनों से लगातार मिल रही जानकारी में यह तथ्य भी सामने आए हैं की बीती रात 9:30 बजे के करीब जिस समय मंदिर में आरती चल रही थी उसी समय मस्जिद में नमाज का भी दौर चल रहा था। दूसरे पक्ष का आरोप है कि मंदिर में जानबूझकर तेज आवाज में आरती चलाई जा रही थी और इसी बात को लेकर के विवाद की शुरुआत हुई थी। इधर मंदिर प्रांगण में मौजूद लोगों का कहना है कि हमारी आरती खत्म हो चुकी थी और हम अपने घरों को जा रहे थे तभी मस्जिद से बड़ी संख्या में युवक मंदिर की तरफ बढ़े और मारपीट की घटना को अंजाम दिया।




अति संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चयनित है स्थान

आपको बता दें कि आजाद चौक पर जिस स्थान पर घटना घटित हुई वह जिला प्रशासन की नजर में पहले से ही अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। सिहोरा के वार्ड नंबर 5 आजाद चौक इलाके में दुर्गा मंदिर के ठीक सामने ही विशेष समुदाय का मदीना मस्जिद अहले सुन्नत के नाम से मस्जिद भी है। मंदिर और मस्जिद आमने-सामने होने के चलते यहां दोनों पक्षों में टकराव की संभावना हमेशा से ही बनी रहती है और रमजान माह के शुरू होने के साथ ही इलाके के हालात तनावपूर्ण हो गए। 
जहां एक ओर सड़क के इस पार दुर्गा मंदिर जो कि हिंदू धर्मावलंबियों का आस्था का प्रमुख केंद्र है वहीं दूसरी ओर सड़क के उस पार मस्जिद में मुस्लिम धर्मावलंबियों की भीड़ जुटती है।यहां दुर्गा मंदिर और मस्जिद आमने-सामने स्थित हैं, जिसके कारण पूर्व में भी विवाद की स्थिति बनती रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के समय मंदिर में आरती और मस्जिद में नमाज लगभग एक ही समय पर हो रही थी।




जिला प्रशासन का दावा..सिहोरा में स्थिति नियंत्रण में-

विवाद की सूचना मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गये थे। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि किसी भी धार्मिक स्थल को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। दोनों पक्षों से किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है एवं पर्याप्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन द्वारा लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की गई है।





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