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रोबिन जैन हमले में गिरफ्तारी नहीं होने पर जबलपुर में वकीलों का आक्रोश,पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम
जिला और हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ एकजुट होकर सड़क पर उतरे,एसपी के नाम ASP को सौंपा ज्ञापन;आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर।जन कल्याण संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं अधिवक्ता रोबिन जैन पर हुए कथित प्राणघातक हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी बढ़ती जा रही है।इसी को लेकर जबलपुर में जिला अधिवक्ता संघ और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने संयुक्त रूप से पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
गिरफ्तारी में देरी को लेकर अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी,पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
अधिवक्ता रोबिन जैन पर हुए हमले के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर दोनों अधिवक्ता संघों ने एकजुटता दिखाई।प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में तेजी लाने और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि गंभीर हमले के मामले में प्रभावी कार्रवाई होना आवश्यक है।आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी से अधिवक्ता समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है।
पुलिस अधीक्षक के नाम ASP को सौंपा ज्ञापन, तत्काल गिरफ्तारी की मांग
विरोध प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हमले में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसी कार्रवाई करने की मांग की,जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
72 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात अधिवक्ताओं की ओर से दी गई 72 घंटे की चेतावनी रही।ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन को निर्धारित समय सीमा में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग की गई है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के भीतर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है,तो दोनों अधिवक्ता संघों के सदस्य एकजुट होकर उग्र आंदोलन करेंगे।उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
जिला और हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी रहे मौजूद
संयुक्त विरोध प्रदर्शन में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एडवोकेट मनीष मिश्रा,सचिव एडवोकेट शैलेंद्र सिंह ठाकुर, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट विश्वास पलिया और सह सचिव एडवोकेट रूपेश पटेल सहित दोनों संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।
इसके अलावा एडवोकेट शैलेंद्र यादव,रविन्द्र दत्त,अमित कोहली,प्रशांत नायक,आशीष पांडेय,संजय वर्मा,रोहित कुरील और विकास कुमार सोनी सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन में सहभागिता की।
रोबिन जैन हमले का मामला बना अधिवक्ता समुदाय की एकजुटता का मुद्दा
अधिवक्ता रोबिन जैन पर हुए हमले के बाद से ही इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। अब जिला अधिवक्ता संघ और हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के संयुक्त विरोध प्रदर्शन तथा 72 घंटे के अल्टीमेटम के बाद पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
अधिवक्ता समुदाय ने साफ किया है कि न्याय और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में पीछे हटने का सवाल नहीं है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर क्या कदम उठाता है।
