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जबलपुर में जन कल्याण संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष अधिवक्ता रॉविन जैन पर जानलेवा हमला!धारदार हथियार से वार,5 घंटे तक थाने में चला हंगामा
शिव नगर में कथित गुंडा टैक्स और अवैध वसूली को लेकर विवाद;हमले के बाद अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश,कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस से की कार्रवाई की मांग
जबलपुर।संस्कारधानी जबलपुर में अधिवक्ता पर हमले की घटना ने कानून-व्यवस्था और वकीलों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।कोतवाली थाना क्षेत्र के शिव नगर में जन कल्याण संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रॉविन जैन पर धारदार हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अवैध वसूली और कथित गुंडा टैक्स की मांग का विरोध करने पर उन पर हमला किया गया।
घटना के बाद घायल अधिवक्ता को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।वहीं,मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई।बड़ी संख्या में वकील कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए विरोध जताया।आरोप है कि करीब पांच घंटे तक चली मशक्कत और अधिवक्ताओं के विरोध के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
शिव नगर में अचानक बढ़ा विवाद, अधिवक्ता पर धारदार हथियार से हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के शिव नगर इलाके की है।बताया जा रहा है कि अधिवक्ता रॉविन जैन और दूसरे पक्ष के बीच पैसों की मांग को लेकर विवाद हुआ था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनसे लगातार अवैध रकम मांगी जा रही थी।विरोध करने पर आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमले में रॉविन जैन घायल हो गए।घटना की जानकारी सामने आने के बाद अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी फैल गई और घायल अधिवक्ता को न्याय दिलाने के लिए वकीलों ने एकजुट होकर पुलिस से कार्रवाई की मांग उठाई।
दुर्गेश शाह के साले पर हमला करने का आरोप,राजनीतिक रसूख की भी चर्चा
इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से तथाकथित भाजपा नेता दुर्गेश शाह के साले पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही आरोप लगाया गया कि कथित राजनीतिक रसूख के चलते शुरुआती स्तर पर पुलिस कार्रवाई में देरी हुई।
हालांकि,संबंधित व्यक्ति की भूमिका और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।इन बिंदुओं पर पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एफआईआर में देरी पर भड़के अधिवक्ता,कोतवाली थाने में जताया विरोध
अधिवक्ता रॉविन जैन पर हमले की खबर फैलते ही हाईकोर्ट और जिला न्यायालय से जुड़े अधिवक्ता कोतवाली थाने पहुंचने लगे।वकीलों ने पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि गंभीर हमले की शिकायत पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए थी।
अधिवक्ताओं का आरोप था कि शिकायत देने के बाद भी पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करने में सक्रियता नहीं दिखा रही थी।इसी मुद्दे को लेकर थाने में विरोध और घेराव की स्थिति बनी रही।
पांच घंटे बाद दर्ज हुई FIR,अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अधिवक्ताओं के लगातार विरोध के बाद करीब पांच घंटे पश्चात एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।इस घटनाक्रम के बाद अब सबसे बड़ा सवाल आरोपित व्यक्ति की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर है।
अधिवक्ता समुदाय की मांग है कि हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा कथित अवैध वसूली के पूरे मामले की भी जांच हो।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में
जबलपुर में हुई इस घटना ने एक बार फिर अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।जन कल्याण संघ के पदाधिकारियों और अधिवक्ता समुदाय की ओर से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वकीलों का कहना है कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी यदि इस तरह की घटनाओं का सामना करना पड़े,तो यह गंभीर चिंता का विषय है।पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
अब पुलिस की जांच से सामने आएंगे अहम तथ्य
फिलहाल इस प्रकरण में हमले की वास्तविक वजह, कथित अवैध वसूली,गुंडा टैक्स की मांग और आरोपित व्यक्ति की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी। मेडिकल रिपोर्ट, शिकायत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य मामले की दिशा तय करेंगे।
जबलपुर के इस मामले में अब अधिवक्ता समुदाय की निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर है।सवाल सिर्फ एक अधिवक्ता पर हुए हमले का नहीं,बल्कि शहर में कानून का पालन और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी है।
