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मझौली में प्रतिमा विसर्जन के दौरान करंट का कहर,हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई ट्रैक्टर-ट्रॉली
नीला तालाब के पास देर रात हुआ हादसा,कई लोगों के झुलसने की सूचना;घटना के बाद थाने के बाहर जुटी भीड़
जबलपुर/मझौली।जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में प्रतिमा विसर्जन के दौरान देर रात एक गंभीर हादसा सामने आया। नीला तालाब,जिसे नरीली तालाब के नाम से भी जाना जाता है, के पास विसर्जन जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रारंभिक जानकारी में कई लोगों के करंट से झुलसने और कुछ युवकों की मौत की सूचना सामने आई है।हालांकि मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासन और अस्पताल स्तर से होना बाकी है।
लोहे के ढांचे ने बढ़ाया खतरा,तार से संपर्क होते ही फैला करंट
बताया जा रहा है कि श्रद्धालु महाकाली/दुर्गा प्रतिमा को लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान ट्रॉली के ऊपर लगाया गया लोहे का ढांचा अथवा सजावट में इस्तेमाल की गई धातु की रॉड ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई।
बिजली के तार से संपर्क होते ही ट्रॉली में करंट फैल गया। अचानक हुए हादसे के कारण जुलूस में शामिल लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
कई श्रद्धालुओं के झुलसने की प्रारंभिक सूचना
घटना के बाद सामने आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में 8 से 10 लोगों के झुलसने की बात कही जा रही है। वहीं 2 से 3 युवकों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से प्रभावित लोगों का उपचार जारी होने की जानकारी है। अंतिम आंकड़े प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
हादसे के बाद मझौली थाने के बाहर बढ़ा आक्रोश
दुर्घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मझौली थाने के बाहर पहुंच गए। हादसे को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई और थाने के सामने हंगामे की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एडिशनल एसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
विसर्जन मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल विसर्जन मार्ग पर मौजूद हाईटेंशन बिजली लाइनों को लेकर उठ रहा है। धार्मिक जुलूस के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसके ऊपर लगाए गए ढांचे की ऊंचाई को देखते हुए क्या बिजली लाइन से संभावित खतरे का आकलन किया गया था, यह जांच का अहम बिंदु होगा।
इसके अलावा यह भी जांच का विषय रहेगा कि विसर्जन मार्ग पर बिजली विभाग,प्रशासन और पुलिस की ओर से पहले से क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
अब जांच से सामने आएगी हादसे की पूरी तस्वीर
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के सामने हादसे के वास्तविक कारणों की जांच के साथ जिम्मेदारी तय करने की चुनौती है।बिजली लाइन और ट्रॉली के बीच संपर्क किस परिस्थिति में हुआ, मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग पर हाईटेंशन लाइन को लेकर क्या पूर्व तैयारी की गई थी—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी होगी।
फिलहाल घटना से जुड़ी मृतकों और घायलों की संख्या सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
सवाल जो जांच के केंद्र में रहेंगे
-विसर्जन मार्ग पर हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
-ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे ढांचे की ऊंचाई की जांच किस स्तर पर हुई?
-जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति को लेकर कोई पूर्व सुरक्षा योजना बनाई गई थी या नहीं?
-हादसे के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा किस तरह उपलब्ध कराई गई?
-घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने को लेकर प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है?
नोट:मृतकों और घायलों की संख्या से संबंधित आंकड़े प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं।आधिकारिक पुष्टि के बाद आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।
