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Jabalpur News:जबलपुर के व्यस्त कछपुरा ब्रिज का फुटपाथ धंसा।लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और तकनीकी रखरखाव पर उठे सवाल।पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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कछपुरा ब्रिज के फुटपाथ में धंसाव:PWD मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा पर सवाल,जांच की मांग

जबलपुर।शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले महत्वपूर्ण कछपुरा ओवरब्रिज पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है।ब्रिज के किनारे बने फुटपाथ का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है और पेविंग ब्लॉक्स उखड़ चुके हैं। कई स्थानों पर सतह नीचे बैठ गई है और स्लैब के नीचे खतरनाक खाली जगह(गैप) दिखाई दे रही है।रोजाना हजारों की संख्या में गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यह स्थिति किसी बड़े खतरे का सबब बन सकती है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही अनदेखी?

कछपुरा ब्रिज जबलपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रदेश के लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी)मंत्री राकेश सिंह इसी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं।

मंत्री के अपने ही क्षेत्र में ब्रिज के रखरखाव की यह स्थिति सामने आने के बाद अब स्थानीय लोग और राहगीर यह सवाल उठा रहे हैं कि:

क्या ब्रिज और फुटपाथ की नियमित तकनीकी निगरानी (Technical Inspection) की जा रही है?

आखिरी बार इस ओवरब्रिज के स्लैब और फुटपाथ का सेफ्टी ऑडिट कब कराया गया था?

निर्माण सामग्री में खोट या जल निकासी की खामी?

फुटपाथ के धंसाव के पीछे की तकनीकी वजह अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।हालांकि,तकनीकी विशेषज्ञों और जानकारों के अनुसार इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं:

घटिया भराव व मिट्टी का बैठना:निर्माण या मरम्मत के दौरान नीचे की गई फिलिंग का सही तरीके से कॉम्पैक्शन न होना।

जल निकासी(ड्रेनेज) की समस्या:बारिश या सड़क के पानी का सही निकास न होने से स्लैब के नीचे से मिट्टी का कटाव होना।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता:उपयोग की गई सामग्री मानकों के अनुरूप न होना।

दीर्घकालिक रखरखाव का अभाव:समय-समय पर होने वाले जरूरी मेंटेनेंस की अनदेखी।

वास्तविक कारण विभागीय तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

शहपुरा ओवरब्रिज हादसे के बाद भी सबक नहीं?

जबलपुर जिले में पुलों और ओवरब्रिजों के निर्माण की गुणवत्ता पहले भी सवालों के घेरे में आ चुकी है।

शहपुरा ROB घटना:एनएच-45 (NH-45) पर शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा गिरने के बाद निर्माण एजेंसी,ठेकेदार और पर्यवेक्षण सलाहकारों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।

समीक्षा बैठकें: शहपुरा ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच के स्थायी पुनर्निर्माण को लेकर खुद पीडब्ल्यूडी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें की थीं।

इसके बावजूद शहर के भीतरी और व्यस्ततम कछपुरा ब्रिज पर इस तरह की लापरवाही सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों की मांग:तुरंत हो तकनीकी जांच और ऑडिट

कछपुरा और आसपास के नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तुरंत दखल देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि:

लोक निर्माण विभाग(PWD)और नगर निगम की तकनीकी टीम तुरंत मौके का मुआयना करे।

यह सार्वजनिक किया जाए कि इस फुटपाथ का निर्माण किस एजेंसी ने कराया था और इसकी गारंटी/मेंटेनेंस अवधि क्या है।

किसी बड़े हादसे से पहले धंसे हुए हिस्से की ठोस और स्थायी मरम्मत कराई जाए।

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