जबलपुर क्राइम | मध्यप्रदेश
पारस यादव केस में प्रशासन का बड़ा एक्शन,आजाद नगर में कथित अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
रांझी क्षेत्र में पुलिस बल की मौजूदगी में संयुक्त कार्रवाई;आरोपी पक्ष से जुड़े बताए जा रहे निर्माणों की प्रशासन कर रहा जांच
जबलपुर।पारस यादव हत्याकांड के बाद रांझी क्षेत्र के आजाद नगर में प्रशासन ने कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और चिह्नित निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई मुख्य आरोपी समीर बंशकार और उसके परिजनों से जुड़े बताए जा रहे निर्माणों पर की गई। प्रशासन द्वारा इन निर्माणों के शासकीय भूमि पर होने की जांच के बाद उन्हें चिह्नित किया गया था।
आजाद नगर में पहुंची प्रशासनिक टीम
गोकलपुर वार्ड के आजाद नगर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान जेसीबी की मदद से चिह्नित दुकानों और निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मौके पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी नजर आई।
सरकारी जमीन के इस्तेमाल को लेकर जांच
प्रशासनिक जांच में क्षेत्र में कुछ निर्माणों के शासकीय जमीन पर होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इनमें नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, वाचनालय और दुर्गा मंदिर के सामने स्थित जमीन का भी उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा पंप हाउस के कथित कब्जे, सरकारी क्वार्टरों के उपयोग और अन्य निर्माणों से जुड़े मामलों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हत्याकांड के बाद बढ़ी प्रशासनिक सख्ती
धार्मिक आयोजन के दौरान हुए विवाद में पारस यादव की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना था। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी थी।
इसी बीच प्रशासन द्वारा कथित अतिक्रमणों को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू किए जाने से मामले ने नया रुख ले लिया है।
अन्य आरोपियों के निर्माणों पर भी नजर
प्रशासन अब हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और उनके परिवारों से संबंधित बताए जा रहे निर्माणों की जानकारी भी जुटा रहा है। यदि जांच में कोई निर्माण नियमों के विपरीत या शासकीय भूमि पर पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, किसी भी निर्माण को अवैध घोषित करने से पहले संबंधित दस्तावेजों, भूमि रिकॉर्ड और अनुमति की जांच आवश्यक होगी।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज
पारस यादव हत्याकांड के बाद आजाद नगर में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती के रूप में देखी जा रही है। फिलहाल प्रशासन का फोकस चिह्नित अतिक्रमणों और सरकारी भूमि के उपयोग से जुड़े तथ्यों की जांच पर है।
मामले में आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
