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आयुष्मान योजना: राजधानी के 15 अस्पताल फर्जीवाड़ा में शामिल, अस्पतालों दिखाए फर्जी मरीज , सरकार से मांगा क्लेम


 आयुष्मान योजना: राजधानी के 15 अस्पताल फर्जीवाड़ा में शामिल,
अस्पतालों दिखाए फर्जी मरीज , सरकार से मांगा क्लेम

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भोपाल। 
प्रदेश भर में आयुष्मान योजना में बडे पैमाने पर फर्जीवाडा का खुलासा हुआ है। इस फर्जीवाडे में राजधानी के 15 अस्पताल भर शामिल है। राजधानी के डीआईजी बंगला क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। अस्पताल प्रबंधन ने ऐसे मरीजों को भर्ती कर इलाज करने का दावा किया था, जो अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए। पिछले महीने योजना का संचालन करने वाली स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) की तरफ चिकित्सकों की टीम भेजकर प्रदेश भर के कुछ अस्पतालों की जांच की गई थी।
इसमें यह अस्पताल भी शामिल था। टीम की रिपोर्ट के आधार पर अब एसएचए ने इस अस्पताल के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर ली है।यहां पर यह बता दें कि महीने भर पहले भोपाल में वैष्णव अस्पताल ने इसी तरह से बड़ा फर्जीवाड़ा किया था। इस पर एफआईआर के बाद अस्पताल के संचालक डा. विवेक परिहार को गिरफ्तार किया गया था। यह गड़बड़ी उजागर होने के बाद ही प्रदेश के विभिन्न जिलों के 47 निजी चिकित्सालयों की जांच चिकित्सकों के 20 दल बनाकर की गई थी। इनमें 28 अस्पतालों में गड़बड़ी मिली थी। बड़ी बात यह है कि इनमें भोपाल के 15 अस्पताल शामिल हैं।आयुष्मान भारत योजना के सीईओ अनुराग चौधरी ने बताया कि एसएचए ने गड़बड़ी करने वाले प्रदेश के सभी 28 अस्पतालों को 15 जून को नोटिस जारी किया था। इनमें अभी तक सिर्फ सात अस्पतालों ने ही नोटिस का जवाब दिया है। 




सभी का जवाब आने के बाद अस्पतालों का अनुबंध खत्म करने, अर्थदंड लगाने, कुछ महीने के लिए योजना से निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। उधर सूत्रों के अनुसार, अस्पतालों ने फर्जी मरीज दिखाकर बिल तैयार किए और दावा राशि की मांग की। मरीजों को सामान्य वार्ड में रखने की जरूरत थी, लेकिन उन्हें आइसीयू या एचडीयू में रखा गया।- मरीज को आइसीयू में रखे बिना ही आइसीयू का बिल तैयार किया गया। मरीज को जो तकलीफ थी, उसकी जगह दूसरी बीमारी का इलाज किया। भर्ती मरीजों को गलत पैकेज में पंजीकृत किया गया। तय पैकेज के अलावा मरीजों से नकद राशि भी ली।

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