डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 80 के पार, लगातार गिरावट से क्‍या होगा असर? - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

It is our endeavor that we can reach you every breaking news current affairs related to the world political news, government schemes, sports news, local news, Taza khabar, hindi news, job search news, Fitness News, Astrology News, Entertainment News, regional news, national news, international news, specialty news, wide news, sensational news, important news, stock market news etc. can reach you first.

Breaking

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 80 के पार, लगातार गिरावट से क्‍या होगा असर?

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 80 के पार, लगातार गिरावट से क्‍या होगा असर?

Indian rupee crosses 80 for the first time against dollar,



नई दिल्‍ली । भारतीय रुपया लगातार लुढ़क रहा हैं डॉलर के मुकाबले मुद्रा की यह कमजोरी चिंताजनक है। मंगलवार सुबह रुपये ने पहली बार रिकॉर्ड 80 का न्‍यूनतम स्‍तर छुआ। रुपये में आ रही लगातार गिरावट का भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर बुरा असर पड़ रहा है।

फॉरेक्‍स मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह डॉलर के मुकाबले रुपया 79.98 पर खुला, जो पिछले बंद से 1 पैसे नीचे था। मुद्रा विनिमय बाजार खुलते ही रुपये में गिरावट दिखने लगी और कुछ ही मिनट में यह ऐतिहासिक गिरावट के साथ 80 के पार जाकर 80.01 पर ट्रेडिंग करने लगा। ग्‍लोबल मार्केट में डॉलर में आ रही मजबूती और विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार से धन निकासी की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ता जा रहा है। साल 2022 में ही रुपया डॉलर के मुकाबले 7 फीसदी टूट चुका है।

रुपये में कमजोरी का सबसे बड़ा कारण ग्‍लोबल मार्केट का दबाव है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से आया है। ग्‍लोबल मार्केट में कमोडिटी पर दबाव की वजह से निवेशक डॉलर को ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं, क्‍योंकि वैश्विक बाजार में सबसे ज्‍यादा ट्रेडिंग डॉलर में होती है। लगातार मांग से डॉलर अभी 20 साल के सबसे मजबूत स्थिति में है। इसके अलावा विदेशी निवेशक इस समय भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा में कमी आ रही और रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। वित्‍तवर्ष 2022-23 में अप्रैल से अब तक विदेशी निवेशकों ने 14 अरब डॉलर की पूंजी निकाल ली है।

पेज