कितना घातक है मंकिपॉक्स, विशेषज्ञ समिति में जल्द होगा फैसला - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

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कितना घातक है मंकिपॉक्स, विशेषज्ञ समिति में जल्द होगा फैसला

कितना घातक है मंकिपॉक्स, विशेषज्ञ समिति में जल्द होगा फैसला

How deadly is monkeypox, experts will decide soon






जिनेवा । 
क्या मंकीपॉक्स का प्रकोप वैश्विक आपातकाल की श्रेणी में आता है या नहीं। आगामी 21 जुलाई को होने वाली विशेषज्ञ मंकीपॉक्स समिति की बैठक में इसका फैसला होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि मंकीपॉक्स पर डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन समिति की यह दूसरी बैठक होगी जिसमें 63 देशों में अब तक आये 9,200 मामलों की जानकारी दी जाएगी।

मई की शुरुआत से पश्चिम और मध्य अफ्रीकी देशों के बाहर मंकीपॉक्स के संक्रमण में वृद्धि दर्ज की गई है, जहां यह बीमारी बार-बार सामने आती रहती है।इससे पहले 23 जून को हुई मीटिंग में भी डब्ल्यूएचओ द्वारा इस बात पर चर्चा की गई थी कि क्या यह बिमारी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न की श्रेणी में आती है। हालांकि, अधिकतर सदस्यों ने डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस को सलाह दी कि अभी स्थिति इतनी भी बेकाबू नहीं हुई है।
 लेकिन अब बढ़ते हुए मामलों के बीच एक बार फिर डब्ल्यूएचओ उच्च स्तरीय मीटिंग बुलाने जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि आपातकालीन समिति डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक को अपने विचार देगी कि क्या यह बीमारी पीएचईआईसी की श्रेणी में आती है। यदि ऐसा है, तो कमेटी बीमारी के प्रसार को बेहतर ढंग से रोकने और कम करने और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया का प्रबंधन करने के बारे में अस्थायी सिफारिशों का प्रस्ताव करेगी। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, अब तक अधिकांश मंकीपॉक्स संक्रमण पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों में देखे गए है।

टेड्रोस एडनॉम ने कहा कि डब्ल्यूएचओ नागरिक समाज और एलजीबीटीक्यू समुदाय के साथ मिलकर काम कर रहा है। वायरस को अब एक स्टिग्मा के रूप में देखा जा रहा है। जिसे रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ कार्य कर रहा है। एक हफ्ते पहले, डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स के प्रसार पर अपनी पहली स्थिति रिपोर्ट जारी की, जिसमें अब तक के प्रकोप से प्रभावित लोगों की विशिष्ट प्रोफ़ाइल का विवरण दिया गया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक प्रभावित होने वाले लगभग सभी रोगी पुरुष हैं, जिनकी औसत आयु 37 वर्ष है, जिनमें से अधिकतर पुरुष पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं।

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