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यूजी के प्रथम चरण में हुए 96 हजार सीटों पर प्रवेश एक माह बाद भी आंकडा एक लाख के पार नहीं पहुंचा

 यूजी के प्रथम चरण में हुए 96 हजार सीटों पर प्रवेश 
एक माह बाद भी आंकडा एक लाख के पार नहीं पहुंचा



भोपाल। 

सत्र 2022-23 में प्रदेश के कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुए एक माह से अधिक समय हो गया, लेकिन अब तक यूजी के प्रथम चरण की काउंसलिंग के बाद मात्र 96 हजार सीटों पर प्रवेश हुए हैं। तकरीबन महीने भर बाद भी एक लाख छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया है।  बता दें कि प्रदेश के 1317 कालेजों में सत्र 2022-23 में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है। यूजी की 6,26,019 सीटों पर प्रवेश देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने एक लाख 70 हजार विद्यार्थियों में से एक लाख 60 हजार विद्यार्थियों का अलाटमेंट जारी किया था। इसमें से 65 हजार विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के मुताबिक कालेज नहीं मिलने के कारण प्रवेश छोड़ना ही उचित समझा है। अब विभाग के पास यूजी की साढ़े पांच लाख सीटें बची हुई हैं। यूजी की रिक्त सीटों पर प्रवेश कराने के लिए विभाग कालेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) के तीन चरण से उम्मीद लगा रहा है। वहीं पीजी में 1,63,000 सीटों में से अब तक 26,885 सीटों पर प्रवेश हुए हैं। वहीं प्रदेश में 1317 कालेजों में 111 कालेजों में एक भी प्रवेश नहीं हुए हैं। 1206 कालेजों में प्रवेश हुए हैं।प्रथम सीएलसी चरण में यूजी स्तर पर आवंटित महाविद्यालय के लिए आनलाइन प्रवेश शुल्क जमा करने की तिथि 21 जून तक रहेगी। अभी तक सीएलसी के प्रथम चरण में 87,691 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराए हैं। वहीं सीएलसी के दूसरे चरण में दो दिन में 8586 नए आवेदकों ने पंजीयन कराया है। वहीं पीजी के सीएलसी दूसरे चरण में 1911 ने नए आवेदकों ने पंजीयन कराए हैं। बता दें कि यूजी व पीजी के लिए 17 मई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग ने इस बार अपग्रेडेशन फेल हो गया है, जबकि उन्हें अपने फार्मूले पर काफी विश्वास था। विभाग ने काउंसलिंग में अलाटमेंट से वंचित 10,597 विद्यार्थियों को अपग्रेडेशन के तहत सीटें आवंटित की, जिसमें से 1029 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिए हैं, यानी 9,568 विद्यार्थियों ने अपग्रेडेशन के तहत आवंटित कालेजों को छोड़ दिया है।