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जानिए क्यों बैचेन हो रहा पाकिस्तान-भारत को सार्क सम्मेलन में बुलाने के लिए..

जानिए क्यों बैचेन हो रहा पाकिस्तान-भारत को सार्क सम्मेलन में बुलाने के लिए..

 



इस्लामाबाद। 

पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन के लिए भारत को न्यौता भेजा है। इस समिट में भारत को।शामिल करवाने के लिए पाकिस्तान काफी बेचैन है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ऑफर दिया है कि भारत अगर फिजिकली नहीं आ सकता तो वह वर्चुअली शामिल हो सकता है। 

पिछले साल सितंबर में तालिबान को शामिल करवाने की पाकिस्तान की जिद के कारण इस बैठक को रद्द कर दिया गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हम सभी सदस्य देशों को निमंत्रण देते हैं। सार्क में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। 

हालांकि, भारत ने कहा है कि उसे पाकिस्तान के तरफ से अभी तक कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सार्क समिट के आयोजन को लेकर संकेत दिए थे। इमरान खान ने कहा था कि इस बैठक के जरिए सार्क देशों के बीच आर्थिक तालमेल बैठाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस बैठक के जरिए दक्षिण एशियाई देशों की जनता के जीवन स्तर को ऊंचा करने का प्रयास किया जाएगा।

पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने बताया कि इमरान खान का जोर सार्क देशों के बीच जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एकीकरण और स्वास्थ्य चुनौतियों को हल करने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर है। 19वां सार्क शिखर सम्मेलन इस्लामाबाद में 15-19 नवंबर 2016 को आयोजित होने वाला था। लेकिन, उस वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक शिविर पर हुए आतंकवादी हमले के कारण भारत ने शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया था। इस कारण मजबूरी में पाकिस्तान को शिखर सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था। 

सार्क दक्षिण एशिया के आठ देशों का संगठन है जिसका पूरा नाम है दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन । सार्क का गठन आठ दिसंबर 1985 को किया गया था। इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग से शांति और प्रगति हासिल करना है। अफगानिस्तान सार्क देशों का सबसे नया सदस्य है। बाकी के सात देश भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव हैं।