मेघालय के राज्यपाल मालिक ने मोदी को बताया घमंडी - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

It is our endeavor that we can reach you every breaking news current affairs related to the world political news, government schemes, sports news, local news, Taza khabar, hindi news, job search news, Fitness News, Astrology News, Entertainment News, regional news, national news, international news, specialty news, wide news, sensational news, important news, stock market news etc. can reach you first.

Breaking

मेघालय के राज्यपाल मालिक ने मोदी को बताया घमंडी

मेघालय के राज्यपाल मालिक ने
मोदी को बताया घमंडी




चंडीगढ़ -

मेघालय के राज्यपाल प्रोफेसर सत्यपाल मलिक रविवार को हरियाणा के चरखी दादरी स्थित बाबा स्वामी दयाल धाम पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घमंडी कहा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में दर्ज मुकदमों को रद्द करने के साथ सरकार को एमएसपी को कानूनी अमलीजामा पहनाने का काम ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। सरकार अगर यह सोच रही है कि आंदोलन खत्म हो चुका है, तो यह गलत है। आंदोलन खत्म नहीं हुआ, बल्कि स्थगित हुआ है। अगर किसानों से ज्यादती हुई तो आंदोलन फिर शुरू हो जाएगा।

मेघालय के राज्यपाल प्रोफेसर सत्यपाल मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घमंडी बताया है। मलिक ने कहा कि

 मैं जब किसानों के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने गया तो मेरी पांच मिनट में उनसे लड़ाई हो गई। वे बहुत घमंड में थे। जब मैंने उनसे कहा कि हमारे 500 लोग मर गए... तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए मरे हैं? मैंने उनसे कहा कि आपके लिए ही तो मरे थे, जो आप राजा बने हुए हो... मेरा झगड़ा हो गया।


प्रो. मलिक ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी को लेकर प्रधानमंत्री ने जो कहा, उससे आगे कहने की कोई गुंजाइश नहीं है। अब किसानों को अपने पक्ष में फैसले करवाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने चौधरी चरण सिंह के साथ राजनीति की है और हर स्थिति में वे किसानों के साथ है। इसके लिए फिर उन्हें चाहे कोई भी पद न छोड़ना पड़े। 


आपको बतादें की सतपाल मलिक लंबे समय से किसान आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के पक्ष में थे। वे केंद्र सरकार से भी लगातार किसानों से बातचीत करने के लिए दबाव डाल रहे थे। उन्होंने इस मसले पर स्वयं भी किसान नेताओं से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

FOR VIDEO NEWS CLICK HERE