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गुरुवार, 13 जनवरी 2022

अगर म्यूचुअल फंड में ज्यादा रिटर्न पाना चाहते है तो जरूर अपनाए ये गुरु मंत्र

अगर म्यूचुअल फंड में ज्यादा रिटर्न पाना चाहते है तो जरूर अपनाए ये गुरु मंत्र




नई दिल्ली, 

लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने का निर्णय सही रहता है और यह आपको एक अवधि में एक अच्छा फंड बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि आपने म्यूचुअल फंड के बारे में बहुत कुछ पढ़ा होगा, म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सही तरीका यह है कि इधर-उधर निवेश करने के बजाय इसे अपने उद्देश्यों से जोड़ा जाए। अगर आप लंबी अवधि के नजरिए से निवेश तलाश कर रहे हैं, तो आप म्यूचुअल फंड निवेश को वेल्थ क्रिएशन या रिटायरमेंट या किसी अन्य दीर्घकालिक उद्देश्य के साथ जोड़ सकते हैं। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिससे आपका निवेश ना केवल सुरक्षित होगा बल्कि दीर्घ कालिक अवधि तक आपको फायदा भी पहुंचाएगा

अगर आप 20 साल तक हर महीने 10,000 का निवेश करते हैं तो आप 12% प्रति वर्ष की दर से लगभग 91 लाख का फंड बना पाएंगे। 15,000 के मासिक निवेश के लिए, कॉर्पस लगभग 1.36 करोड़ का होगा। यदि अनुमानित राशि आपके लक्ष्य से कम है तो आपको हर महीने अधिक निवेश करना होगा। अपनी निवेश योजना पर काम करने का दूसरा तरीका लक्ष्य राशि को परिभाषित करना और फिर उस लक्ष्य के लिए आवश्यक मासिक निवेश पर काम करना है। 

आप अपने दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं क्योंकि डेट म्यूचुअल फंड लघु और मध्य अवधि के लक्ष्यों के लिए उपयोगी होते हैं। इंडेक्स फंड एक इंडेक्स को ट्रैक करते हैं और बेहतर प्रदर्शन करने के बजाय इसके रिटर्न को दोहराने की कोशिश करते हैं। उनके पास सक्रिय रूप से प्रबंधित इक्विटी फंड की तुलना में कम व्यय अनुपात है। 

वैसे तो कॉर्पोरेट बाजार में लाखों लुभावने ऑफर आपके सामने रोजाना आते हैं लेकिन निवेश करने से पहले आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की आप की जमा पूंजी किस दिशा में जा रही है आपके द्वारा निवेश किए जाने वाले संस्थान की मार्केट स्थिति क्या है किस दर से आप तक फायदा पहुंचाया जा रहा है। निवेश के पहले मन में यह बात स्पष्ट होनी चाहिए कि निवेश किस लिए किया जा रहा है? आप रिटायरमेंट के लिए निवेश कर रहे हैं या बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए, मकान के लिए या बेटी की शादी के लिए वगैरह़…वगैरह. अगर किसी को 80C के तहत टैक्स में छूट चाहिए तो उसे टैक्स सेविंग फंड चुनना चाहिए जिसकी लॉक इन अवधि तीन साल की होती है. लक्ष्य साफ होने से निवेश की अवधि तय करने में सुविधा रहती है.।


एसआईपी या लंप समअगर आप नए निवेशक हैं तो आपके लिए यह बेहतर होगा कि आप एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए निवेश शुरू करें. सिप के जरिए निवेश से एवरेजिंग का फायदा होता है। बाजार में जब गिरावट होती है तो आपको समान निवेश पर म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट मिल जाती है जबकि तेजी के समय कम यूनिट मिलती है। हां अगर आप निवेश की टाइमिंग को लेकर आश्वस्त हैं तो आप लंप सम यानी एकमुश्त निवेश कर सकते हैं। लेकिन आम और निवेशक के लिए यह बहुत मुश्किल है।

-डायरेक्ट या रेगुलरम्यूचुअल फंड में निवेश के दो तरीके हैं डायरेक्ट या रेगुलर. डायरेक्ट प्लान के तहत आप सीधे कंपनी के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन निवेश शुरू कर सकते हैं. दूसरा तरीका है एडवाइजर, ब्रोकर या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से. डायरेक्ट निवेश में आपको फंड हाउस को कम चार्ज देने पडते है. मतलब एक्सपेंस रेशियो कम होता है. 

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार