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शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021

इमरान के मजहबी आज़ादी वाले पाकिस्तान में.. केक में नहीं लिखने दिया" मैरी-क्रिसमस"

इमरान के मजहबी आज़ादी वाले पाकिस्तान में..
केक में नहीं लिखने दिया" मैरी-क्रिसमस"



पाकिस्तान में मजहबी आजादी का दावा करने वाली इमरान खान की सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है इस बात का अंदाजा हाल ही में घटी घटना को देखकर लगाया जा सकता है जहां पर पाकिस्तान के 2 बहुचर्चित बेकरीज वालों ने क्रिसमस आयोजन पर बनाए जाने वाले केक पर "मैरी क्रिसमस" लिखने से साफ इनकार कर दिया। ये दोनों कराची ही नहीं पाकिस्तान की भी नामचीन बेकरीज मानी जाती हैं।पाकिस्तान में मजहबी कट्टरता इस कदर बढ़ती जा रही है कि अल्पसंख्यकों को त्योहार मनाने में भी दिक्कत आने लगी है।जिस शख्स के साथ यह घटना हुई, उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई लोगों ने बेकरीज के बर्ताव पर सवाल उठाए हैं, इस मामले  लेकर पूरे पाकिस्तान में आलोचना हो रही है लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए अपनी मजहबी  आजादी का दिखावा कर रही है।


जानिए क्या है मामला..??


यह पूरा मामला पाकिस्तान के कराची में स्थित डेलियाजा बेकरीज (Deliza Bakeries)का है।जहां एक क्रिश्चियन व्यक्ति क्रिसमस पर केक लेने पहुंचा था। उसने एक बड़ा केक ऑर्डर किया। केक खरीदने के बाद उस शख्स ने काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से इस पर "मैरी क्रिसमस"(Merry Christmas) लिखने को कहा। लेकिन कर्मचारी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। ग्राहक के सवाल करने पर कर्मचारी ने कहा-


"मैनेजमेंट की तरफ से हमें ये कहा गया है कि किसी केक पर मैरी क्रिसमस न लिखा जाए।" 


क्रिश्चियन युवक ने घर लौटकर सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा।


"अगर माइनोरिटीज से इतनी ही नफरत है तो फिर इन बेकरीज को क्रिसमस पर केक बनाना ही बंद कर देना चाहिए। मजहब की इतनी ही फिक्र है तो हम लोगों से पैसा भी नहीं कमाना चाहिए।" 


एक अन्य महिला ने कराची की ही आंटी मुनव्वर बेकरी( Aunty Munawwar Bakery) पर इसी तरह का आरोप लगाया। इस तरह की धार्मिक कट्टरता वाले बर्ताव से नाराज लोगों ने सोशल मीडिया पर सवालों की बौछार लगते हुए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

एक यूजर ने कहा-

बेकरी को यह याद रखना चाहिए कि वो यूरोप और अमेरिका में बने प्रोडक्ट्स जैसे क्रीम का इस्तेमाल करती है। ये भी बंद कर दे।


एक और यूजर ने कहा- 

इस तरह की घटिया हरकत करने वाली बेकरी का बायकॉट कीजिए। 

एक महिला यूजर ने कहा-

क्या क्रिश्चियन कम पाकिस्तानी या कम देशभक्त हैं।


मामले को मचते देख बेकरी प्रबंधक ने पलटा पाला-


सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगातार हो रही आलोचनाओं को लेकर डिलिजिया बेकरी (Deliza Bakeries) ने आरोपों पर कहा- 

"इसे कंपनी की पॉलिसी नहीं मानना चाहिए। यह एक कर्मचारी की गलती है। मैरी क्रिसमस का मतलब किसी को हैप्पी क्रिसमसकहना है।"


"कंपनी अब कुछ भी सफाई दे, लेकिन सच्चाई है कि तीन साल पहले यानी 2018 में भी इसी बेकरी ने क्रिसमस केक पर मैरी क्रिसमस लिखने से इनकार कर दिया था और तब कराची फूड डायरी नाम के सोशल मीडिया ग्रुप ने इस मसले को उठाया था।"

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार