विक्टोरिया में ऑडियो वॉर.. कहीं एक की जांच को गुमराह करने तो.. नहीं लाया गया दूसरा ऑडियो... - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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विक्टोरिया में ऑडियो वॉर.. कहीं एक की जांच को गुमराह करने तो.. नहीं लाया गया दूसरा ऑडियो...

विक्टोरिया में ऑडियो वॉर..
कहीं एक की जांच को गुमराह करने तो..
नहीं लाया गया दूसरा ऑडियो...



जबलपुर-मध्यप्रदेश

जबलपुर का जिला अस्पताल वैसे तो हमेशा से विवादों में घिरा रहता है लेकिन इस बार कहानी ही कुछ और है । यहां पर गद्दी पर बैठे जिम्मेदार अपने चहेते को बचाने किसी भी हद तक जाने को तैयार है फिर चाहे उसके लिए रास्ता गलत ही क्यों ना अपनाना पड़े। और अक्सर यह सनक डिपार्टमेंट की इज्जत को कब मिट्टी में मिला देती है यह खुद जिम्मेदार को भी पता नहीं होता।


विक्टोरिया अस्पताल का फिर एक ऑडियो वायरल होने की ख़बर

अभी सैनिटाइजर दलाली के वायरल ऑडियो की जांच भी पूरी नहीं हुई थी और जिला अस्पताल में एक नया ऑडियो वायरल होने लगा। ऑडियो को सुनने पर साफ-साफ समझ में आ जाता है कि इसकी पटकथा सोच समझकर नहीं  बल्कि  काफी जल्दबाजी में लिखी गई। इसके साथ ही बातचीत करने वाले किरदार भी नए नवाडी से ही प्रतीत हो रहे हैं । जो अपनी बातचीत के दौरान बार-बार बिना किसी तथ्य के एक अधिकारी का नाम ले रहे थे मानो उनसे यह कहा गया हो कि इस ऑडियो में चार से पांच बार अधिकारी का नाम आना ही चाहिए। बहरहाल यह ऑडियो कहां से आया इसमें बातचीत करने वाले लोग कौन हैं और यह ऑडियो सही है या नहीं यह जांच का विषय है।

लेकिन एक बात तो साफ है कि इस ऑडियो को जिसने भी सुना वह पहले ही अधिकारियों की करतूत को भाप गया...


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आखिर ऐसा क्या है इस वायरल ऑडियो में..

शहर में वायरल हो रहे इस नए ऑडियो में दो अनजान व्यकित आपस मे कोरोना वेक्सीन को लगवाने की बात कर रहे है। जिसमे तथाकथित रूप से जिला अस्पताल में टीकाकरण विभाग में पदस्थ एक अधिकारी का बार-बार नाम दोहराकर ये बताने...या यूं कहे की सुनने वालों को सुनाने का प्रयास किया जा रहा है कि उक्त अधिकारी पैसे लेकर कोरोना की वैक्सीन लगवा देता है


जानिए इस ऑडियो को लेकर क्या कहते हैं मुख्य टीकाकरण अधिकारी


क्योंकि ऑडियो शहर में वायरल हो रहा था और इसमें कोरोना वैक्सीन को लेकर पैसों के लेनदेन की बात सामने आ रही थी लिहाजा विकास की कलम ने जिला अस्पताल में पदस्थ मुख्य टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर शत्रुघन दहिया से बातचीत की उन्होंने बताया कि एक ऑडियो के विषय में उन्हें भी जानकारी लगी है लेकिन  ऑडियो के बारे में व्यंग्यात्मक तंज कसते हुए डॉक्टर दहिया ने बताया कि यहां हम मुफ्त में टीका लगवा रहे हैं तो भी लोग समय पर नहीं पहुंच रहे और ऐसे में यदि कोई पैसे देकर टीका लगवाने की बात करता है तो वह अपने आप में किसी मजाक से कम नहीं है। यह किसी की सोची-समझी शरारत है जिससे विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।


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बहुत दूर तक जाएगा यह ऑडियो का मजाक FIR कराने की तैयारी कर रहा विभाग


आपको बता दें कि भले यह ऑडियो किसी भी मंशा के साथ वायरल किया गया हो। लेकिन  अब इस ऑडियो को टीकाकरण विभाग ने बड़ी संजीदगी से ले लिया है और कहीं ना कहीं अब उन शरारती तत्वों की शामत भी आने वाली है विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त ऑडियो को लेकर विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास करने के मामले में एफ आई आर दर्ज कराने की बात भी की जा रही है साथ ही इस ऑडियो को लेकर प्रशासनिक जांच कराने की  भी बात विभाग के अधिकारियों ने कही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विभाग की छवि धूमिल करने के पीछे कोई बाहरी शरारती तत्व है या फिर विभाग का ही कोई हरिराम नाई.....


कहीं पुराने ऑडियो की जांच को  गुमराह करने जानबूझकर तो नहीं बनाया गया नया ऑडियो


आपको बता दें कि हमने अपने पिछले संस्करण में सैनिटाइजर की दलाली करते हुए जिला अस्पताल के क्रय लिपिक के वायरल हुए ऑडियो को लेकर हर बारीकी से आपको अवगत कराया था। उपरोक्त ऑडियो की जांच करने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कई संगठनों ने जिला कलेक्टर से लेकर मंत्रियों तक गुहार भी लगाई थी। और बकायदा इस ऑडियो की  जांच करने के लिए एक समिति भी बनाई गई हालांकि जांच समिति ने लीपापोती कर क्लीन चिट देने का प्रयास किया लेकिन इन सबके बीच क्योंकि मामला मंत्रालय तक पहुंच चुका था सेटिंग बाजों के मंसूबे कामयाब ना हो सके।


इससे पहले कि एक ऑडियो की विस्तृत जांच हो पाती जिला अस्पताल के गलियारों में एक और ऑडियो वायरल होने लगा है ।  सूत्रों की माने तो यदि सैनिटाइजर दलाली वाले ऑडियो की तबीयत से जांच करा दी जाए तो विभाग में बैठे कई बड़े अधिकारी बेनकाब हो सकते हैं और यही कारण है कि साम दाम दंड भेद की नीति अपनाकर इस ऑडियो की जांच को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। हो सकता है सैनिटाइजर दलाली वाले ऑडियो की ओर से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस नए ऑडियो का इस्तेमाल किया गया हो।


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जिला अस्पताल के दो गुटों में चल रही है कोल्ड वार


मौजूदा हालातों को देखकर एक बात तो साफ समझ में आ रही है कि जिला अस्पताल में गुटबाजी और शीत युद्ध का दौर चालू है जहां कभी किसी अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश पारित होते हैं तो उसके कुछ दिन बाद ही उसकी पीठ थपथपाने का ढिंढोरा भी पीट दिया जाता है।एक गुट शिकायतें लेकर घंटों अधिकारियों की राह निहारता है लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचते तो वहीं दूसरी ओर दूसरे गुट के साथ घंटों चाय की चुस्कियां ली जाती हैं। इन सबके बीच न्याय की आवाज उठाने वाला या तो सडयंत्र का शिकार हो जाता है। या फिर अपने काम से ही हांथ धो बैठता है। दोनों गुट अपने अपने स्तर पर शक्ति प्रदर्शन का प्रयास कर रहे हैं अब देखना दिलचस्प होगा कि इस शीत युद्ध का नतीजा क्या होता है