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सोमवार, 31 मई 2021

वाह..निहा खान.. वैक्सीन से भरी सिरिंज कचरे में फेंकी ताकि योगी और BJP बदनाम हो सके..

वाह..निहा खान..
वैक्सीन से भरी सिरिंज कचरे में फेंकी
ताकि योगी और BJP बदनाम हो सके..






अलीगढ़-उत्तर प्रदेश

घर जले तो जले...
लेकिन चूहे के बिल में...
आंच पहुंचनी चाहिए...
कुछ इसी तरह की मानसिकता वाले लोग एक नए तरह के जिहाद को बढ़ावा दे रहे...




आपको बता दें जिस समय पूरा देश कोरोना संक्रमण से लड़ रहा है और संक्रमित परिवार का सदस्य एक के बाद एक मौत के मुंह में समा रहा है ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा देश की जनता को लाभान्वित करने और संक्रमण से बचाए रखने के लिए कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन इस जीवन रक्षक टीके को लगाने के दौरान एक नर्स ने वैक्सीन ना लगाते हुए... सिर्फ उसे लगाने का दिखावा किया और भरी सिरिंज कचरे के डब्बे में डाल दी। वह इस बात को बखूबी जानती थी कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी यदि इन लोगों को संक्रमण हुआ या इनकी मौत हुई तो उसका सीधा सीधा आरोप केंद्र सरकार और उनके प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर लगेगा। लेकिन तभी एक जागरूक नागरिक ने नर्स की इस काली करतूत का भंडाफोड़ कर दिया।


आइए जानते हैं कहां का है मामला




कोरोना वैक्सीन की भरी सिरिंज को जानबूझकर कचरे के डब्बे में डालने का यह मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आया है जहां जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन भरी 29 सिरिंज कचरे के डब्बे में पाई गई ।इसके बाद आनन-फानन में शनिवार देर रात प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा व संविदा एएनएम निहा खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, महामारी अधिनियम का उल्लंघन, साजिश व गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। चिकित्साधिकारी का वेतन वृद्धि रोकने व हरदुआगंज सीएचसी ट्रांसफर तथा एएनएम की संविदा समाप्ति की कार्रवाई विभाग पहले ही कर चुका है।


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निहा खान ने जानबूझकर वैक्सीन लाभार्थी को न लगाकर कचरे में फेंकी



मामला जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दुर्गेश कुमार व उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी शरद अग्रवाल की ओर से दर्ज किया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि वैक्सीन एवं कोल्ड चैन मैनेजर रविंद्र शर्मा ने 22 मई को जमालपुर अर्बन पीएचसी का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि कोविड पोर्टल के अनुसार उक्त तिथि को 18 से 44 वर्ष आयु के 200 लोगों का टीकाकरण (कोवैक्सीन) किया गया। इस सत्र में 29 ऐसी सिरिंज ऐसी मिलीं, जिनमें वैक्सीन भरी हुई थी और हब कटा था। जिससे पता चला कि काफी लाभार्थियों को बिना वैक्सीन लगे ही पोर्टल पर अपडेट किया गया। वायल से वैक्सीन भरने के बाद भी लाभार्थियों को टीके से वंचित रखा। ऐसा जानबूझकर किया हुआ प्रतीत होता है।



निहा खान का साथ देती रही प्रभारी चिकित्सा अधिकारी आफरीन जेहरा



जांच समिति ने रिपोर्ट दी कि संविदा एएनएम ने 15 टीके लगाने का बयान दिया, जबकि उस दिन 60-70 टीके लगाए गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी के संज्ञान में यह मामला था, लेकिन उन्होंने सीएमओ को कोई सूचना नहीं दी। इसलिए वे तथ्यों को छुपाने के दोषी हैं। निहा खान को 29 डोज लाभार्थी को न लगाकर कचरे में फेंकने का दोषी माना है। निहा खान ने इस कृत्य से राष्ट्रीय कार्यक्रम को क्षति पहुंचाई है। महामारी अधिनियम का उल्लंघन करते हुए जनमानस की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। पुलिस ने प्रभारी चिकित्साधिकारी व नौकरी से निकाली गईं एएनएम के खिलाफ आपदा अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तथ्यों को छुपाने, मिथ्या सूचना देने, जानबूझकर कूटरचित कृत्य करना, सांझा साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया है।


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जानिए कैसे हुई जांच और कैसे हुआ पूरा खुलासा



सिरिंज फेंकने की रिपोर्ट मिलते ही सीएमओ ने एसीएमओ डा. दुर्गेश कुमार व डा. एमके माथुर के निर्देशन में संयुक्त जांच समिति बनाई। 25 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीएचसी पहुंचकर जांच की। इसमें वैक्सीनेशन करने वाली दोनों एएनएम निहा खान व अन्नू, स्टाफ नर्स सोनम राजौरिया और प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा के बयान दर्ज किए गए। एएनएम ने सिरिंज खराब होना बताया था। किसी ने वैक्सीन भरी सिरिंज फेंकने की स्वीकारोक्ति तो नहीं की। खराब सिरिंज का इस्तेमाल बंद क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। फार्मासिस्ट ने अपने बयान में वैक्सीन का कार्य एनएमएम की टीम द्वारा किए जाने की बात कही। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने भी यही बयान दिया। अधिकारी न तो एएनएम की सफाई से संतुष्ट हुए और न प्रभारी चिकित्साधिकारी के बयान से। क्योंकि, किसी ने भी सिरिंज खराब होने की सूचना नहीं दी थी।



अब टीका लगवाने वालों से संपर्क कर रहे अधिकारी


जमालपुर अर्बन पीएचसी पर 10 मई से टीकाकरण किया जा रहा है। यहां से रोजाना अच्छे वैक्सीनेशन की रिपोर्ट प्राप्त हो रही थी, लेकिन 22 मई को निरीक्षण में वैक्सीन भरी 29 सिरेंज कचरे में मिली। पता लगा कि बताया जाता है कि टीकाकरण के लिए आने वालों को सुई तो चुभोई जाती थी, लेकिन वैक्सीन इंसर्ट करने की बजाय दवा भरी सिरिंज डस्टबीन में फेंक दी जाती थी। इस दिन कुल 200 लोगों को टीके लगाए गए। टीका लगवाने वालों को विभाग के अधिकारी फोन कर यह पता लगा रहे हैं कि किसी को कहीं कोई शक तो नहीं है। शक वालों को दोबारा टीका लगवाने पर विचार किया जाएगा।


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यह भी हो चुकी है कार्रवाई


प्रशासनिक आधार पर एएनएम निहा खान की संविदा समाप्ति व प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा की दो साल के लिए वेतन वृद्धि रोकते हुए तबादला किया गया है। डा. आरफीन की जगह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महफूजनगर की संविदा चिकित्सक डा. उस्मे ऐमन को नियुक्त किया गया है। फार्मासिस्ट अरविंद कश्यप को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनगढ़, संविदा स्टाफ नर्स सोनम राजौरिया को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महफूज नगर व यहां की स्टाफ नर्स रेखा राजपूत को जमालपुर में तैनात किया गयाा है। संविदा एएनएम अन्नू को हटाकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुजपुरा में तैनात किया गया है।


डाक्टर व एएनएम पर NSA लगाने की मांग हुई तेज


पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने कहा है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा व एएनएम नेहा खान ने सरकार को बदनाम करने के लिए साजिश के तहत वैक्सीन भरी सिङ्क्षरज कचरे में डालीं। फर्जी टीकाकरण करने वाली एएनएम व मामले को दबाने के आरोपित प्रभारी चिकित्साधिकारी पर रासुका के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मेयर ने सोमवार को डीएम व एसएसपी को भी ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी।


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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार