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सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

अद्भुत शिवलिंग समझकर गाँववाले करते रहे पूजा-अभिषेक... जब हकीकत से हुआ वास्ता तो उड़ गए होश...

अद्भुत शिवलिंग समझकर
गाँववाले करते रहे पूजा-अभिषेक...
जब हकीकत से हुआ वास्ता तो उड़ गए होश...



मनुष्य की आस्था उसे पत्थर में भी भगवान के दर्शन करा देती है। लेकिन कभी कभी ये आस्था कब अंधविश्वास की ओर मुड़ जाती है पता ही नहीं चलता आवर फिर उसके बाद जब हकीकत सामने आती है। तो फिर लोगों को अपनी बेवकूफी पर खुद ताज्जुब होने लगता है। ऐसा ही एक किस्सा आज हम अपने पाठकों के बीच रखने जा रहे है।जहां पूरा गांव एक अद्भुत शिवलिंग की पूजा अर्चना करता रहा लेकिन हकीकत सामने आते ही उनके पैरों तले जमीन खसक गयी। और फिर जो हुआ...उसे पढ़कर आप को हँसी भी आएगी और गुस्सा भी....


*आज से इन खास बातों के लिए* *बदल जाएगे नियम..* *घरेलू गैस, ट्रैन और बैंकिंग सहित कई जगह बदलाव..*


जानिए कहां का है यह पूरा मामला


मामला उत्‍तर प्रदेश के बदायूं से सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हंस पड़ेंगे। हाल ही में यहां के कुंवरगांव इलाके के लोगो ने अंधविश्वास के चलते एक  एलईडी बल्ब (LED Bulb) को शिवलिंग (Shivling)

समझ लिया। और तो और सुबह से लेकर दोपहर तक बाकायदा इसकी पूजा करते रहे। लोगो की आंखे तो तब खुली जब उसे पूरा खोदा तो कोई तो पता चला वो शिवलिंग (Shivling) नहीं,बल्कि एलईडी बल्ब है तब सभी का हस्ते हुए लोटने लगे।


*नशे में धुत रहने वाला लायसेंस शाखा का लिपिक निलंबित..* *परिवहन आयुक्त ने की कार्यवाही..*


कब की है घटना क्या है पूरा मामला


जानकारी की मुताबिक, ये घटना रविवार को संज्ञान में आई है जबकि मामला 27 जनवरी का है। कुंवरगांव थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति अपनी पशुशाला में सुबह के समय सफाई कर रहा था, इस दौरान वहां पर अचानक एक सफेद चीज दिखाई पड़ी। जैसे ही उसने थोड़ी मिट्टी हटाई, तो वह उसे सफेद रंग गोल जैसी चमक वाली चीज दिखी थी। बिना पूरी मिट्टी हटाए उसने सूचना पुरे गांव में फैला दी। कुछ लोग इसे शुरू से अंधविश्वास मान रहे थे, तो कुछ ग्रामीण कहने लगे कि यह भगवान शिव का शिवलिंग है।


*म.प्र उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति* *सुनील कुमार अवस्थी ने दिया इस्तीफा..*


शुरू हो गयी पूजापाठ.. आने लगा चढ़ावा..


बस फिर क्या था इसकी खबर लगते ही गांव के कई लोग वहां आकर पूजा शुरू कर दिए, सभी लोग अपने घर से चढ़ावे का सामान दूध, जल, बिल्व पत्तर, रुपये और प्रसाद आदि लाकर चढ़ाने लगे। दोपहर उसे शिवलिंग समझ कर उसकी खूब पूजा हुई और तमाम लोगों ने दूध चढ़ाया। इस दौरान करीब पंद्रह सौ रुपये चढ़ावे में भी आ गए।


*जानिए आखिर क्यों..??* *अमेरिका ने लगाई पाकिस्तान को फटकार..* *आखिर क्या है.. डेनियल पर्ल केस..??*


मंदिर में रूपये किये दान


इसका खुलासा तो तब हुआ जब वहां पर दोपहर बाद कुछ शरारती लोगों ने मिट्टी हटाकर उस चीज को पूरा निकाला तप पता चला की वह शिवलिंग नहीं एलईडी बल्ब था। इसके बाद उनका भ्रम दूर हुआ। जब खुलासा हुआ तो लोग खूब हंसने लगे और इसके बाद चढ़ावे में आए रुपये गांव के शनि मंदिर में दान करा दिए। हकीकत जानने के बाद हर कोई वहां से मुस्‍कराते हुए जाता नजर आया।


*सूर्य को अर्ध्य देते समय* *क्या आप भी करते है..* *यह लापरवाही..*


नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..


ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार




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