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गुरुवार, 28 जनवरी 2021

राकेश टिकैत ने रोते हुए दी.. आत्महत्या की धमकी कहीं ये घढ़ियाली आंसू तो नहीं..??

राकेश टिकैत ने रोते हुए दी..
आत्महत्या की धमकी
कहीं ये घढ़ियाली आंसू तो नहीं..??





देश व्यापी किसान आंदोलन का रुख उस समय मुड़ गया जब 26 जनवरी को आंदोलन के नाम पर एक एक नया ही उपद्रव सामने आया। आपको बतादें की 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड रैली में फैली हिंसा के बाद अब किसान आंदोलन कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। एक ओर हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गयी है, तो दूसरी ओर किसान नेता राकेश टिकैत ने आत्महत्या की धमकी दे डाली है। टिकैत ने रोते हुए कहा कि सरकार किसानों को जान से मारने की साजिश कर रही है. उन्होंने कहा, कानून अगर वापस नहीं लिया गया, तो आत्महत्या कर लेंगे।


*राष्ट्रपति अभिभाषण के* *बहिष्कार की घोषणा..* *कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल हुए एकजुट*


जानिए किसानों से क्या बोले-टिकैत


उन्होंने किसानों से कहा कि वो न घबरायें. रोते हुए कहा, आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा, ट्रैक्टर रैली में हिंसा साजिश के तहत कराया गया. इससे पहले खबर आयी थी कि राकेश टिकैत सरेंडर करने वाले हैं. हालांकि टिकैत ने ऐसी खबरों को खारिज कर दिया. वहीं दूसरी ओर गाजीपुर बॉर्डर के साथ-साथ टिकरी बॉर्डर में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है।


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मीडिया से रूबरू हुए टिकैत...


टिकैत ने मीडिया वालों से कहा कि वो कानून का सम्मान करते हैं. पुलिस नोटिस से वे डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा, यहां आएं और मुझे गिरफ्तार करके ले जाएं.


झंडा किसने फहराया सुप्रीम कोर्ट करे जांच..


गाजीपुर से किसानों को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा, हमारी मांग है कि लाल किले में किसने झंडा फहराया उसकी जांच सुप्रीम कोर्ट कराये. टिकैत ने कहा, यहां विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. इधर गाजीपुर बॉर्डर में प्रशासन की टीम भी पहुंच गयी है. टिकैत की गिरफ्तारी और सरेंडर की खबर के बाद गाजीपुर में हलचल तेज हो गई है. प्रशासन की टीम लगातार राकेश टिकैत से बात कर रही है।


*यहां ट्रेन में लग रहे थे "पाकिस्तान जिंदाबाद" के नारे* *फिर पुलिस ने निकाली युवकों की देशभक्ति...*


गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों के विरोध में उतरे स्थानीय लोग


इधर गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. स्थानीय लोगों ने कहा, तिरंगा झंडे का अपमान वे बर्दाश्त नहीं करेंगे. लोगों ने प्रदर्शनकारियों को बॉर्डर खाली करने को कहा है.


दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम और एसपी को बॉर्डरों से किसान आंदोलन को खत्म कराने का आदेश दे दिया है. जिसके बाद गाजियाबाद के डीएम ने किसानों को बॉर्डर खाली करने का आदेश दे दिया गया है. डीएम के आदेश के बाद बॉर्डर से तंबू उखड़ने शुरू हो गए हैं.


गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के अंदर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में नामजद किसान नेताओं के विरुद्ध ‘लुक आउट' नोटिस जारी किया है.


दिल्ली पुलिस के प्रमुख एस एन श्रीवास्तव ने बताया. किसी आरोपी को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए उसके विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया जाता है।


*किसान आंदोलन कैसे हुआ हिंसक.??* *जानिए एक एक कदम की विस्तृत जानकारी..*


इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी...


पुलिस ने प्राथमिकी में राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और मेधा पाटकर समेत 37 किसान नेताओं के नाम दर्ज किए हैं. इस प्राथमिकी में हत्या की कोशिश, दंगा और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं. प्राथमिकी में दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, कुलवंत सिंह संधू, सतनाम सिंह पन्नू, जोगिंदर सिंह उगराहां, सुरजीत सिंह फूल, जगजीत सिंह दालेवाल, बलबीर सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लखोवाल के नाम हैं।


*किसानों के "लाल किला" एक्शन पे..* *जानिए क्या है..सरकार का रिएक्शन..??*


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार




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