VIKAS KI KALAM,Breaking news, news updates, hindi news, daily news, all news

It is our endeavor that we can reach you every breaking news current affairs related to the world political news, government schemes, sports news, local news, Taza khabar, hindi news, job search news, Fitness News, Astrology News, Entertainment News, regional news, national news, international news, specialty news, wide news, sensational news, important news, stock market news etc. can reach you first.

Breaking

शनिवार, 30 जनवरी 2021

तो क्या..?? एमपी में बंद हो जाएंगे जिला सहकारी बैंक..

तो क्या..?? 
एमपी में बंद हो जाएंगे 
जिला सहकारी बैंक..




भोपाल :  तेलंगाना, उत्तराखंड, केरल सहित अन्य राज्यों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बंद कर दिए हैं। मध्यप्रदेश में भी इस दिशा में विचार शुरू हो गया है। सहकारिता विभाग ने इन राज्यों के मॉडल का अध्ययन करने के लिए तीन दल बनाए हैं, जो वहां जाकर वास्तविक स्थिति को देखेंगे। इसमें विभाग और अपेक्स बैंक के अधिकारियों के साथ सहकारिता से जुड़े नेताओं को शामिल किया गया है ताकि सभी पहलुओं को समझा जा सके।


*इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आएंगी कंगना* *आपातकाल और ऑपरेशन ब्लू स्टार के इर्द-गिर्द घूमेगी कहानी*


राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने भी खर्च घटाने के लिए द्विस्तरीय मॉडल पर विचार करने की सलाह दी है। माना जा रहा है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण होने के बाद बीच की कड़ी (जिला बैंक) की आवश्यकता ही नहीं रह जाती है। यह काम प्रदेश स्तर से अपेक्स बैंक या विभाग द्वारा किया जा सकता है। प्रदेश में किसानों को रबी और खरीफ फसलों के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के माध्यम से दिया जाता है।

सवा चार हजार समितियों के 53 लाख से ज्यादा किसान सदस्य हैं। वहीं, 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की 839 शाखाएं हैं, जो समितियों को साख सुविधा उपलब्ध कराने के साथ बैंकिंग व्यवसाय भी करती हैं। इन सबके ऊपर नियंत्रण राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) रखता है। पिछले कार्यकाल में शिवराज सरकार सभी जिला बैंकों में कोर बैंकिंग व्यवस्था लागू कर चुकी है। अब समितियों का कंप्यूटरीकरण करने का निर्णय लिया गया है।


*प्रज्ञा का सोनिया-राहुल पर प्रहार* *जिस पर बच्चा-बच्चा हंसता है,* *उसकी अम्मा उसे प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रही* *: प्रज्ञा ठाकुर*


पहले चरण में इसके लिए करीब बीस करोड़ रुपये का प्रविधान किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि तेलंगाना ने समितियों का कंप्यूटरीकरण करने के साथ ही जिला बैंकों की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब राज्य स्तर से ही सीधे निगरानी और नियंत्रण का काम किया जा रहा है। इससे बीच की कड़ी में होने वाले व्यय और समय की भी बचत हो रही है।

बैंक की शाखाएं पहले ही तरह की काम कर रही हैं इसलिए उपभोक्ताओं को कोई नुकसान भी नहीं है। सहकारिता विभाग के संयुक्त पंजीयक अरविंद सिंह सेंगर का कहना है कि अध्ययन दल संबंधित राज्यों के सहकारिता और अपेक्स बैंक के अधिकारियों से संपर्क करके फीडबैक लेंगे। द्विस्तरीय साख संरचना का सभी दृष्टिकोण से अध्ययन करके रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर सरकार विचार करके अंतिम निर्णय लेगी।

उधर, भोपाल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय तिवारी का कहना है कि समितियों के पूरे व्यवसाय के निगरानी और नियंत्रण का काम जिला बैंक ही कर सकते हैं। समिति प्रबंधक जिला बैंक का कर्मचारी ही होता है। समितियों के लिए कर्ज की राशि का इंतजाम करना हो या फिर समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था बैंक ही करते हैं। सहकारिता के क्षेत्र में बैंक ही सबसे मजबूत कड़ी हैं।


*अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति* *डोनाल्ड ट्रंप को पहुंचा लीगल नोटिस...* *जानिए क्या है पूरा मामला..??*


सांसद-विधायकों को अध्यक्ष बनाने की तैयारी : 

दूसरी ओर सरकार ने हाल ही में अध्यादेश के माध्यम से सहकारी अधिनियम में संशोधन किया है। अब सांसद और विधायक भी सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि, यह व्यवस्था शीर्ष सहकारी संस्थाओं के लिए है।

*महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर* *किसान संयुक्त मोर्चा का..* *"विशाल ट्रैक्टर मार्च"*

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..


ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

If you want to give any suggestion related to this blog, then you must send your suggestion.

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..



ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार