पटवारी की करतूत को.. किसान ने किया उजागर.. फिर कलेक्टर ने सुनाया..अनोखा फरमान - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

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पटवारी की करतूत को.. किसान ने किया उजागर.. फिर कलेक्टर ने सुनाया..अनोखा फरमान

पटवारी की करतूत को..
किसान ने किया उजागर..
फिर कलेक्टर ने सुनाया..अनोखा फरमान




सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का घूंसखोरी से चोली दामन का रिश्ता है। बिना घूंसखोरी किये वे कोई काम नहीं करते।हालांकि कभी कभार इन पर कार्यवाही भी होती है। लेकिन आदत से मजबूर हो चुके ये विभागीय लोग घूंस खोरी का दामन छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे है।बेशर्मी की चादर ओढ़े ये अधिकारी और कर्मचारी सरकार से मोटी पगार लेने के बावजूद आम आदमियों से भीख मांगने में नहीं हिचकिचाते। इस ही एक ताजा मामला सामने आया है। जहां एक गरीब किसान से उसी की जमीन नपवाने के नाम पर एक पटवारी ने 4000 रुपयों की डिमांड कर डाली। बात यह तक तो ठीक थी। लेकिन कामचोरी की आदत से मजबूर पटवारी ने पैसे लेने के वावजूद काम नहीं किया। हफ्तों अधिकारी के चक्कर काटने के बाद थकहार कर गरीब किसान ने कलेक्टर को पूरी दास्तान सुनाई...फिर कलेक्टर ने जो किया उससे सारा गाँव तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा....


*तंत्र मंत्र से गाँव बचाने* *खटिया चलाने पहुंचा था तांत्रिक* *फिर पुलिस ने की* *तांत्रिक की..खटिया-खड़ी..* *पढ़िए ये दिलचस्प दास्तान*


जानिए कहां का है पूरा मामला..??




घूसखोर अधिकारियों की अकल ठिकाने लगाने वाला यह मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर से सामने आया है आपको बता दें कि आम लोगों के कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों में हो रही घूसखोरी को बंद करने के लिए छतरपुर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह ने एक अनोखी पहल शुरू की है जिसके तहत गांव-गांव में चौपाल लगाकर रिश्वतखोरों की शिकायत मिलने पर मौके पर ही रिश्वतखोरों को सजा देने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर अपनी चौपाल लगाने गौरिहार तहसील के ग्राम पंचायत बरहा में पहुंचे और ग्राम वासियों के साथ रूबरू होकर उनसे उनके लंबित कार्यों के विषय में जानकारी ली साथ ही रिश्वतखोर अधिकारियों को बेनकाब करने के लिए ग्रामीणों से बातचीत की। 


*रेलवे स्टेशन बना* *हवाला कारोबारियों का अड्डा* *जीआरपीएफ ने पकड़े* *35 लाख 60 हजार...*


कलेक्टर की चौपाल में किसान ने सुनाई रिश्वतखोर अधिकारी की दास्तान




कलेक्टर जब ग्राम वासियों की शिकायत सुनने चौपाल में पहुंचे तो उन्होंने ग्राम वासियों से पूछा कि उनके कौन-कौन से काम लंबित हैं और क्या उनके कामों को कराने के लिए कोई अधिकारी अलग से पैसे मांग रहा है..??

 इस पर ग्रामीण रामकुमार ने कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को बताया कि क्षेत्रीय पटवारी द्वारा उसके खेत को नापने के एवज में ₹4000 की रिश्वत की मांग की गई थी जिस पर जैसे तैसे किसान ने पैसों की व्यवस्था कर पटवारी को घूस की रकम दी लेकिन पैसे मिलने के बावजूद भी पटवारी ने कोई काम नहीं किया और अब किसान अधिकारी के कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर है। 


*रेलवे यात्रियों की बहुचर्चित* *नर्मदा एक्सप्रेस का* *26 दिसंबर से होगा संचालन*


पूरे गांव के सामने पटवारी से वापस कराई गई... घूंस की रकम




किसान द्वारा सुनाई गई घूसखोरी की दास्तान को सुनते ही कलेक्टर साहब का पारा चढ़ गया और उन्होंने आनन-फानन में रिश्वत लेने वाले पटवारी को सार्वजनिक रूप से हितग्राही को तुरंत पैसे लौटाने का फरमान सुना दिया। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के तीखे तेवर देखकर पटवारी सहित विभाग के आला अधिकारियों के पसीने छूट गए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में आदेश देते हुए कहा कि किसान के पैसे तुरंत लौटाओ....

ऐसे में रिश्वतखोर पटवारी ने पूरे गांव के सामने ₹4000 बुजुर्ग किसान को सौंप दिए पूरे घटनाक्रम को देखते हुए जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण काफी खुश हुए ।वहीं जैसे ही पटवारी ने बुजुर्ग किसान को रुपए लौटाए तो सभी लोग ताली बजाने लगे। भीड़ का उत्साह देख पटवारी का मुंह लटक गया और वह चुपचाप भीड़ के सामने खड़ा रहा। वहीं इस पूरे वाकए के बाद कलेक्टर ने किसान को आश्वासन देते हुए कहा कि अगर तुम्हारा काम नहीं होता तो दोबारा मेरे पास आ जाना छतरपुर आने में जो भी खर्च होगा वह मैं तुम्हें अपनी तरफ से दे दूंगा कलेक्टर की यह बात सुनकर पीड़ित किसान बेहद खुश हो गया।


जानिए क्या हुआ ..??जब...*सड़क पर मक्का रख* *भाजपाइयों से 1850 रु दिलवाने की मांग करने लगे किसान..*


कलेक्टर की अनोखी पहल से दहशत में है... घूंसखोर...


रिश्वतखोर और घूस खोलो पर लगाम लगाने और उन्हें सार्वजनिक तौर पर बेनकाब करने छतरपुर कलेक्टर द्वारा गांव गांव में चौपाल लगाने की अनोखी मुहिम की शुरुआत की गई है। जहां नियमित तौर पर कलेक्टर महोदय द्वारा गांव वासियों से उनकी शिकायत सुनी जा रही है और मौके पर ही उनकी शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है इस मुहिम से एक और जहां ग्राम वासियों ने राहत की सांस ली है वहीं रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों की रातों की नींद उड़ चुकी है। कलेक्टर की इस पहल से रिश्वत के बिना काम न करने वाले सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।


*नचनियों के ठुमकों से झूमा गाँव..* *आखिर कहां है..??* *कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने वाले..*


कलेक्टर ने कहा जारी रहेगी मुहिम... अगर बाज ना आए अधिकारी तो होगी - FIR




अपनी इस अनोखी मुहिम को लेकर कलेक्टर शीलेंद्र सिंह का नजरिया बेहद साफ है उन्होंने कहा कि उनके द्वारा यह मोहिम सतत जारी रहेगी वह सिस्टम में सुधार का प्रयास कर रहे हैं उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि मेरी प्राथमिकता यह है कि आम लोगों को राहत मिल सके और गलत काम करने वाले सुधर जाएं फिलहाल इस मुहिम के तहत अभी शिकायत मिलने पर नरमी बरती जा रही है लेकिन आगे आने वाले समय पर जिन कर्मचारियों पर आरोप है उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी और यदि किसी की एक से अधिक बार शिकायत प्राप्त हुई तो उस पर एफ आई आर भी दर्ज कराई जाएगी।


*यह दवा ले लो..तो* *रात भर पढ़ सकोगे..* *कुछ इस अंदाज में..* *बेची जा रही थी ड्रग्स..*


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार

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