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शनिवार, 5 दिसंबर 2020

ट्रेन के टॉयलेट से गांजे की तस्करी.. छत के स्क्रू खोलकर छुपाते थे गांजा..

ट्रेन के टॉयलेट से गांजे की तस्करी..
छत के स्क्रू खोलकर छुपाते थे गांजा..


ट्रेन से होती थी गांजे की तस्करी


(स्वप्निल श्रीवास्तव-भोपाल)


मादक पदार्थों की तस्करी के लिए वैसे तो आपने कई नायाब तरीके देखे और सुने होंगे लेकिन आज हम एक ऐसे तरीके से पर्दा उठाने वाले हैं जिसे जानकर आप भी अपने दांतो तले उंगलियां दबा लेंगे यह तारीख का इतना नायाब है की गांजे की खेप चोरी छुपे नहीं बल्कि लाखों लोगों और पुलिस के जवानों के बीच उनकी  मौजूदगी में लाई जाती थी अब आपके जहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ऐसा क्या होता था जो इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीचो बीच रहते हुए भी मादक पदार्थों की तस्करी हो जाए और किसी को कानों कान खबर भी ना लगे..


*पलक झपकते ही घर के सामने से..* *उड़ा देते थे स्कूटी और मोटरसाइकिल..* *पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर वाहन चोर...*


आइए जानते हैं कि क्या है वह नायाब तरीका..

मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़ा हुआ है जहां गांजे की तस्करी करने वालों ने एक ऐसा जुगाड़ अपनाया है जिसके सामने बड़े-बड़े इंटेलिजेंस वाले भी फेल हो गए। आपको बता दें कि भोपाल क्राइम ब्रांच ने 6 तस्करों को 32 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है जिनसे पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वे लोग भारतीय ट्रेन के जरिए गांजे की खेप एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाया करते थे। यह पूरा काम ट्रेन में सवार पैसेंजर और आरपीएफ/ जीआरपी पुलिस की नाक के नीचे बिना किसी डर के संचालित किया जा रहा था।


*किसान आंदोलन का असर* *राजधानी में ठप्प हुआ कारोबार* *300 करोड़ के नुकसान की संभावना*


पुलिस के हत्थे चढ़ा एक आरोपी फिर खुलते चले गए गांजा तस्करी के तार


ट्रेन की टॉयलेट में गांजे की तस्करी


भोपाल क्राइम ब्रांच ए एसपी गोपाल धाकड़ ने बताया कि उनकी टीम ने गैस राहत कॉलोनी निवासी सुनील भारती को 11 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था आरोपी से पूछताछ पर पता चला कि उसे यह गांजा वैष्णव अपार्टमेंट निवासी रोहन और अमन बच्चा ने दिलाया था इसके बाद पुलिस ने रोहन को भी घेराबंदी करते हुए पकड़ा दोनों से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो गांजे की तस्करी के पूरे रैकेट का खुलासा हो गया।

भोपाल में पकड़े गए दोनों गांजा तस्करों के तार उड़ीसा बॉर्डर से जुड़ने लगे। पुलिस पूछताछ में हासिल हुई जानकारी के अनुसार आरोपियों को गांजे की सप्लाई उड़ीसा के रायगढ़ निवासी सैयार कोराडो केशव जाने और राजकुमार कौरड से मिलती थी।


*कड़कड़ाती ठंड में परेशान हो रहा किसान* *विद्युत विभाग खेल रहा आंखमिचौली* *अब..कैसे होगी सिंचाई..??*


आखिर ट्रेन से कैसे लाते थे गांजा


ट्रेन की टॉयलेट में गांजे की तस्करी


गांजे की इस पूरी रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस ने अपने पंटरों के साथ मिलकर एक जाल बिछाया जहां पुलिस ने इन दोनों आरोपियों से उनके साथियों को गांजे का एक और आर्डर दिलवाते हुए गांजे की खेती पहुंचाने को कहा ऑर्डर कंफर्म होते ही ओडिशा के तीन तस्कर अपने एक और साथी के साथ गांजा लेकर भोपाल पहुंच गए जहां पहले से ही ताक पर बैठी पुलिस ने आरोपियों को 21 किलो गांजे सहित गिरफ्तार कर लिया पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह गांजे की तस्करी फिल्मों में दिखाए जाने वाले किसी सीन से कम नहीं थी। यह मंजे हुए गांजा तस्कर बकायदा भारतीय रेलवे का इस्तेमाल करते हुए गांजे की तस्करी को अंजाम देते थे यह पहले तो सेटिंग से गांजा प्लेटफार्म तक ले आते थे और उसके बाद अपने नियत स्थान पहुंचने वाली ट्रेन में सवार हो जाते थे गांजे की खेप को यह तस्कर ट्रेन में बनी हुई टॉयलेट में ले जाते थे और फिर टॉयलेट की सीलिंग का स्क्रू खोलकर गांजे को सीलिंग के अंदर छुपा दिया करते थे गांजा लाने वाले सभी लोग नक्सली क्षेत्र से संबंधित हैं ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गांजा तस्करों के तार नक्सलियों से भी जुड़े हो सकते हैं बहरहाल पुलिस इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड की खोजबीन कर रही है साथ ही आशा जताई जा रही है कि पुलिस द्वारा जल्द ही मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करते हुए इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा।


*नाबालिक से दुराचार करने वाले* *आरोपी शिक्षक को मिली* *आजीवन कारावास की सजा*


नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..



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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार








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