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सोमवार, 7 दिसंबर 2020

परदेश में भी गूंजा किसान आंदोलन के समर्थन का नारा

परदेश में भी गूंजा
किसान आंदोलन के
समर्थन का नारा..


Slogan of support for farmer movement echoed abroad


हिंदुस्तान में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही एक और जहां देश भर से कई संगठनों के जरिए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे इस किसान आंदोलन को समर्थन दिया जा रहा है वही अब इस किसान आंदोलन की आग परदेस (विदेश) तक जा पहुंची है। किसान आंदोलन के समर्थन में विदेशों में भी प्रदर्शन और रैलियां की जा रही है प्राप्त जानकारी के अनुसार कनाडा के बाद ब्रिटेन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।


*दिलजीत ने किसानों का* *दिल जीत लिया* *आंदोलन में शामिल किसानों के लिए दान में दिए एक करोड़ रुपए*


लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने हुआ प्रदर्शन


Slogan of support for farmer movement echoed abroad


भारतीय किसानों की बदहाल स्थिति किसी से भी छुपी हुई नहीं है और उस पर से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानून को लेकर किसान काफी व्यथित है किसानों को लगता है कि इस नए कानून के जरिए किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगी जिसके विरोध में देश की राजधानी में किसान आंदोलन का आगाज किया गया है देशभर से समर्थन मिलने के बाद किसानों का यह दर्द अब विदेशों तक जा पहुंचा है खबरों के अनुसार ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय उच्चायोग कार्यालय के पास बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। सूत्रों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने लगभग 40 वाहनों के साथ प्रदर्शन करने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस लंदन से अनुमति मांगी थी जबकि भारतीय उच्चायोग विदेश कार्यालय और ग्रह कार्यालय तक 3500-4000 प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए और किसान आंदोलन के समर्थन में नारेबाजी करने लगे।


*शरीर मे जंजीरे और ताला लटका कर..* *आम आदमी पार्टी का विरोध प्रदर्शन..* *कृषि बिल वापस लिए जाने की मांग हुई बुलंद*


भारतीय उच्चायोग के प्रेस अधिकारी ने जारी किया बयान


Slogan of support for farmer movement echoed abroad


 उपरोक्त मामले की जानकारी देते हुए भारतीय उच्चायोग लंदन के प्रेस अधिकारी विश्वेश नेगी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा कोरोना महामारी के दौरान बड़ी संख्या में एकत्र होकर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन किया है जिसे लेकर सुरक्षा के लिहाज से लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन के दौरान कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से चार लोगों को रिहा कर दिया गया लेकिन नौ लोग अभी भी हिरासत में हैं।आगे आने वाली अप्रिय घटना से बचने के लिए भारतीय दूतावास की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं


*अधिकारियों से बचे..* *तब तो गरीबों को मिले..* *पीएम आवास योजना में घोटाला*


प्रदर्शन की आड़ में भारत विरोधी एजेंडे को हवा देने का काम - विश्वेश नेगी

Slogan of support for farmer movement echoed abroad


भारतीय उच्चायोग के प्रेस अधिकारी विश्वेश नेगी ने जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय किसानों के समर्थन में प्रदर्शन के बहाने भारत विरोधी अलगाववादियों की अगुवाई में भारत विरोधी एजेंडे को हवा देने का काम किया जा रहा है भारत में कृषि बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसे लेकर भारत सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रही है जो कि निरंतर जारी है यह भारत का एक आंतरिक मुद्दा है और इसे लेकर के अन्य देशों में प्रदर्शन किया जाना अनुचित है।


*यहां बिना मास्क घूमने वालों को* *मिली अनोखी सजा..* *खुली जेल में लिखवा रहे* *कोविड पर निबंध*


अमेरिका में भी गूंजा किसान आंदोलन समर्थन का नारा


Slogan of support for farmer movement echoed abroad


ब्रिटेन में हुए प्रदर्शन के बाद अमेरिका मैं भी किसान आंदोलन समर्थन के नारे बुलंद हुए अमेरिका में कैलिफोर्निया और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास से ऑकलैंड तक किसान एकजुटता रैली निकाली गई जिसमें सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए इस रैली के वीडियो में लोग किसानों के आंदोलन के समर्थन में नारेबाजी और तख्तियां लहराते हुए दिखे रिपोर्ट बताती है कि "किसान एकजुटता रैली" का आयोजन एक संगठन ने किया था जिसे "जकारा आंदोलन" का नाम दिया गया


*ट्रेन के टॉयलेट से गांजे की तस्करी..* *छत के स्क्रू खोलकर छुपाते थे गांजा..* *पढ़िए गांजा तस्करी के इस देसी जुगाड़ की पूरी कहानी*


ऑस्ट्रेलिया में भी निकली किसान आंदोलन समर्थन की रैली


Slogan of support for farmer movement echoed abroad


किसान आंदोलन के मुद्दे में कितनी गर्माहट है इस बात का अंदाजा यूं लगा लीजिए कि देश तो देश विदेशों में भी इस आंदोलन की आग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है ब्रिटेन और लंदन के बाद ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी बीते दिन भारतीय वाणिज्य दूतावास से संसद भवन तक किसान रैली निकाली गई जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए क्षेत्रीय लोग शामिल हुए और सभी ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन किया कनाडा के टोरंटो में स्थित भारतीय दूतावास के बाहर सुबह से ही सैकड़ों लोग प्रदर्शन करने एकत्र हो चुके थे हां सभी ने किसानों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए नारेबाजी की और किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया।


*कड़कड़ाती ठंड में परेशान हो रहा किसान* *विद्युत विभाग खेल रहा आंखमिचौली* *अब..कैसे होगी सिंचाई..??*


8 दिसंबर को हुआ भारत बंद का ऐलान


Slogan of support for farmer movement echoed abroad


गौरतलब हो कि भारत सरकार के नए कृषि कानून के विरोध विरोध में देशभर के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं वही देश की राजधानी में सिंधु बॉर्डर पर पिछले कई दिनों से

सैकड़ों हजारों की संख्या में किसान आंदोलन पर बैठे हुए हैं सरकार और किसान के बीच पांच दौर की वार्ता हो चुकी है जो कि अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है इस दौरान सरकार को किसानों के बीच की अगली बैठक 9 दिसंबर को तय की गई है लेकिन इससे पहले 8 दिसंबर को देशभर के किसान संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया है।

आपको बता दें कि प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग है कि सरकार इस नए कृषि कानून को वापस ले किसानों ने से काला कानून करा दिया है किसान चाहते हैं कि सरकार उन्हें एमएसपी (MSP) को लेकर ठोस भरोसा दे वहीं सरकार किसानों की मांगों को लेकर सहमत नहीं है लेकिन किसानों की कुछ मांगों पर सरकार राजी होती भी दिखाई दे रही है।


*किसान आंदोलन का असर* *राजधानी में ठप्प हुआ कारोबार* *300 करोड़ के नुकसान की संभावना*


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार









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