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कड़कनाथ कुक्कुट पालन.. बनेगा फायदे का व्यवसाय.. केंद्र ने स्वीकृत की राशि..

कड़कनाथ कुक्कुट पालन.. 
बनेगा फायदे का व्यवसाय..
केंद्र ने स्वीकृत की राशि..




कड़कनाथ के विषय में कौन नहीं जानता मुर्गी में पाए जाने वाली है प्रजाति सबसे आला दर्जे की मानी जाती है। पौष्टिकता प्रोटीन का जबरदस्त स्त्रोत होने के चलते हमेशा से कड़कनाथ की मांग तेज रही है और अब मध्यप्रदेश में कड़कनाथ का क्रेज और भी बढ़ने जा रहा है प्राप्त जानकारी के अनुसार कड़कनाथ कुकुट पालन के लिए केंद्र सरकार कई लाभकारी योजनाएं चला रही है जिससे हितग्राही ना केवल अपने व्यवसाय को बढ़ाकर अच्छी आए बना सकेंगे बल्कि उन्नत तकनीक के जरिए कुक्कुट व्यवसाय में अपनी तकदीर भी चमका पाएंगे।


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कड़कनाथ चिकन के नस्ल के बारे में जानकारी (Kadaknath Chicken Breed Facts)

  • कड़कनाथ चिकन की नस्ल भारत के मध्य प्रदेश राज्य के झाबुआ डिस्ट्रिक्ट में पाई जाती है. इस नस्ल के चिकन देखने में काले होते हैं और इनके द्वारा दिए जानेवाले अंडों का बाहरी रंग भूरा होता है, जबकि इसके मांस का रंग भी काला होता है.

  • दुनिया में केवल तीन ही ऐसी चिकन की नस्लें हैं जिनका रंग काला होता हैं और इन नस्लों में से एक नस्ल कड़कनाथ चिकन की है. इस नस्ल का ये चिकन केवल भारत में ही पाया जाता हैं. जबकि दो अन्य काले चिकन की नस्लों के नाम सिल्की और अय्याम समानी (Ayyam Cemani) है. सिल्की नस्ल के चिकन चीन में पाए जाते हैं जबकि अय्याम समानी नस्ल के चिकन इंडोनेशिया देश में पाए जाते हैं.

  • तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल राज्य में कड़कनाथ चिकन से जुड़े कई सारे पोल्ट्री फार्म हैं और इन राज्य में इन चिकन की काफी मांग भी है.


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केंद्र सरकार ने स्वीकृत किए 3 करोड़ों रुपए


 केंद्र शासन ने कड़कनाथ कुक्कुट पालन योजना के तहत प्रदेश के झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी और धार जिलों के लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह राशि इन जिलों की 20 समितियों के 300 सदस्यों को दी जाएगी। प्रत्येक हितग्राही को 28 दिन के निशुल्क वैक्सीनेटेड 100 चूजे, दवा, दाना, दाना-पानी बर्तन और प्रशिक्षण दिया जाएगा।


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हितग्राहियों को मिलेगी अनेको सुविधाएं


हितग्राहियों के निवास पर शासन द्वारा शेड भी निर्मित किया जाएगा। प्रबंध संचालक कुक्कुट विकास निगम एचबीएस भदौरिया ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता और पौष्टिक गुणों के कारण कड़कनाथ की मांग तेजी से बढ़ी है। हितग्राहियों की आय बढ़ाने के साथ ही मांग की आपूर्ति के लिए केंद्र की मदद से यह योजना प्रारंभ की गई है। राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम संबंधित जिलों के उप संचालकों के माध्यम से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा।


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विशेष तरह के शेड में होगा कड़कनाथ कुकुट पालन


प्रत्येक कुक्कुट पालक को चूजों की सुरक्षा और उन्हें उचित तापमान उपलब्ध कराने के लिए रेडीमेड शेड प्रदान किए जाएंगे। शुरू में चूजे झाबुआ और इंदौर के कुक्कुट प्रक्षेत्र से दिए जाएंगे। वर्ष में दो बार छह माह के अंतराल से 50-50 चूजे हितग्राही को मिलेंगे। वैक्सीनेटेड 28 दिन के चूजों का वजन 125 ग्राम से 150 ग्राम के बीच होगा। कड़कनाथ का विक्रय पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के पार्लरों से भी किया जाएगा।


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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार





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