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एमपी अजब है... कुत्ता बना 9 एकड़ जमीन का मालिक वसीयत से मिला मालिकाना हक

एमपी अजब है...
कुत्ता बना 9 एकड़ जमीन का मालिक
वसीयत से मिला मालिकाना हक




(धीरेंद्र सिंह "पिंटू"-छिंदवाड़ा)


रुपहले पर्दे पर आई इंटरटेनमेंट पिक्चर तो आप सभी को याद ही होगी जिसमें मालिक का एक पालतू कुत्ता करोड़ों की जायदाद का वारिस दिखाया गया है लेकिन इस फिल्म की पटकथा मध्यप्रदेश में हकीकत में लागू हो गई है जी हां यह बात सौ फ़ीसदी सत्य है यहां एक किसान का कुत्ता 50 लाख की कीमत वाली 9 एकड़ जमीन का मालिक है सबसे खास बात यह है कि इस कुत्ते का नाम बकायदा वसीयतनामा में दर्ज है और कानूनी तौर पर यह कुत्ता ही इस 50 लाख की जमीन का असली बारिश है। आइए जानते हैं अजब एमपी के गजब किस्सों से निकली एक अजब गजब कहानी...


*फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में* *सहायक आबकारी अधिकारी बर्खास्त..**


यहां जानिए कहां का है.. मामला क्या है पूरा किस्सा..??


यह अजीबोगरीब वसीयत का पूरा कारनामा मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से सामने आया है जहां एक किसान ने अपने पालतू कुत्ते जैकी के नाम 5000000 रुपए की 9 एकड़ जमीन बकायदा बसीयत कर दी है। सबसे खास बात यह है कि किसान ओम नारायण ने अपनी संपत्ति का वसीयतनामा अपने पुत्रों के नाम ना करते हुए अपने सबसे विश्वसनीय पालतू कुत्ते के नाम किया है वसीयतनामा होते ही यह खबर पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है और अब कुत्ते की आवभगत के लिए परिवार के सदस्य और आसपास के चिर परिचित लोग जमा होने लगे हैं।


*कृषि कानून के खिलाफ* *टॉर्च मशाल जुलूस* *जानिए क्या है पूरा मांजरा...*


यहां जानिए क्या है किसान की वसीयत का राज




वसीयत करता किसान ओम नारायण ने अपनी वसीयत में अपनी जात का आधा हिस्सा अपने सबसे चहेते और पालतू कुत्ते जैकी के नाम किया है वही आधी संपत्ति को उसने अपनी दूसरी पत्नी चंपा के नाम कर दिया है किसान के पास कुल 18 एकड़ जमीन है किसान अपने बेटों के व्यवहार से काफी दुखी था प्राप्त जानकारी के अनुसार बेटों के दुर्व्यवहार और आए दिन हो रही खींचतान से तंग आकर पीड़ित किसान ने अपने लालची बेटों को सबक सिखाने का मन बनाया और फिर इस अजीबोगरीब वसीयत की रूपरेखा रची गई। इस दौरान किसान ने कानूनी शपथ पत्र बनाते हुए अपने बेटे की जगह पालतू कुत्ते को अपनी चल अचल संपत्ति का असली वारिस घोषित किया है किसान के पालतू कुत्ते का नाम जैकी है।


*कान्हा प्रवास पर जाते हुए..* *दिग्गविजय सिंह का समनापुर में अल्प विराम* *किसान बिल को लेकर कही ये बात*


कुत्ते की करो सेवा... तब मिलेगा असली मेवा...


किसान ओम नारायण वर्मा ने अपनी अजीबोगरीब वसीयत में अपनी पीड़ा दर्ज कराई है वसीयत के अनुसार किसान ओम नारायण वर्मा ने लिखा कि

मेरे हर सुख दुख में मेरी सेवा मेरी पत्नी और पालतू कुत्ते ने की है इसलिए मेरे जीते जी वह मेरे लिए सबसे अधिक प्रिय हैं मेरे मरने के बाद पूरी संपत्ति और जमीन जा जात के हकदार मेरी दूसरी पत्नी चंपा वर्मा और पालतू कुत्ता जैकी होंगे साथ ही कुत्ते की सेवा करने वाले को जायदाद का असली वारिस माना जाएगा

 

*पवित्र नर्मदा तट में..* *कच्ची शराब की भट्टी..* *आबकारी की टीम ने किया भंडाफोड़..*


पांच बेटियां और एक बेटा लेकिन किसी को भी नहीं मिला वसीयत में स्थान




प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान ओम नारायण वर्मा कि 6 संतानें हैं जिनमें से किसान की 5 बेटियां और एक बेटा है लेकिन यह सभी संताने अपने पिता के साथ किए गए दुर्व्यवहार के चलते अपने पिता की नजरों से गिर चुकी है अब ऐसे में 11 माह का उनका पालतू कुत्ता ही किसान के सुख दुख का साथी बना यही कारण है कि किसान ने अपने पालतू कुत्ते जैकी को ही अपनी संपत्ति का वारिस घोषित किया है गौरतलब हो कि ग्राम बाड़ी वाडा निवासी ओम नारायण वर्मा की दो पत्नियां है ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उसका दो बार विवाह हुआ था पहली पत्नी धनवंती वर्मा है जिससे ओम वर्मा को तीन बेटियां हैं और एक बेटा भी है जबकि दूसरी पत्नी चंपा वर्मा है जिसकी दो बेटियां हैं।


*भैंस चराने गए बच्चे को* *"बाघ" ने बनाया शिकार* *खत्म नहीं हुआ अब तक* *टाइगर का आतंक*


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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार







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