कलेक्ट्रेड के मैरिज कोर्ट में परिजनों ने किया हंगामा.. मां-बाप की बद्दुआ के साथ विदा हुए नव दंपत्ति.. - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

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कलेक्ट्रेड के मैरिज कोर्ट में परिजनों ने किया हंगामा.. मां-बाप की बद्दुआ के साथ विदा हुए नव दंपत्ति..

कलेक्ट्रेड के मैरिज कोर्ट में
परिजनों ने किया हंगामा..
मां-बाप की बद्दुआ के साथ
विदा हुए नव दंपत्ति..




विवाह एक उत्सव होता है जिसे दो प्रमुख परिवार के लोग आपस में पूरे कुटुंब के साथ मिलकर राजी खुशी इसका आयोजन करते हैं जहां दोनों परिवार की ओर से वर एवं वधू को अनेकों शुभकामनाएं और शुभाशीष प्राप्त होता है जिससे वे आने वाले जीवन में एकजुट होकर दांपत्य जीवन का निर्वाह करते हैं लेकिन इसके अलावा भी विवाह संपन्न करवाने की एक अन्य विधि है जहां युवक और युवती बालिक होने पर आपसी सहमति के चलते हैं कोर्ट में जाकर शादी करते हैं और ऐसी ही एक शादी का जिक्र हम आज आपके सामने करने जा रहे हैं जहां शादी के दौरान परिजनों ने जमकर बवाल मचाया स्थितियां इतनी गंभीर हो गई कि युवक की मां कोर्ट रूम में ही बेहोश होकर गिर पड़ी हालांकि परिजनों ने इस विवाह को संपन्न ना किए जाने का काफी हद तक प्रयास किया लेकिन युवक और युवती ने आपसी रजामंदी के कागजों पर दस्तखत कर इस विवाह को संपन्न करा ही लिया।


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कहां का है मामला क्या है पूरी घटना




मामला मध्यप्रदेश के संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर जिले से है जहां कलेक्ट्रेट परिसर में आपसी सहमति से शादी करने पहुंचे युवक-युवती उस समय सहम गए जब युवक के परिजन मैरिज कोर्ट रूम आ धमके..

प्राप्त जानकारी के अनुसार रिमझा से आए युवक युवती अपनी मर्जी से शादी करने मैरिज कोर्टरूम रजिस्ट्रार के सामने उपस्थित हुए थे लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी युवक के परिजनों को लगी मैं कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए और हंगामा करने लगे। परिजनों के व्यवहार से यह साफ जाहिर हो रहा था कि वह इस विवाह से नाखुश थे। शुरुआती दौर पर युवक के मां बाप ने भावनात्मक तौर पर युवक को कमजोर करने की कोशिश की वहीं युवक की मां ने युवक के सामने अपने प्यार और दुलार का वास्ता देकर इस विवाह से इनकार करने को कहा लेकिन जब युवक नहीं माना तो बात गाली गलौज पर उतर आई और फिर हंगामे को बढ़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।


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युवक की मां ने लगाए लड़की पर आरोप


युवक की मां बबीता चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा कि उनका बेटा अभिषेक चौधरी रेलवे में ड्यूटी करता है उन्हीं के पड़ोस में रहने वाली एक लड़की और उसके परिजनों ने अभिषेक चौधरी के भोलेपन का फायदा उठाते हुए उसे जानबूझकर फंसाया है वही लड़की ने अभिषेक के साथ प्रेम जाल का नाटक रच कर उसे शादी के लिए दबाव बनाया है इस पूरे प्रकरण में लड़की के परिजन भी शामिल है युवक की मां ने कहा कि लड़की और उसके परिजनों के चाल चलन ठीक नहीं है यही कारण है कि उन्हें इस विवाह से घोर आपत्ति है।


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हंगामे के दौरान कोर्ट रूम में बेहोश होकर गिर पड़ी युवक की मां




कलेक्ट्रेट के मैरिज कोर्ट रूम के अंदर जब अभिषेक चौधरी अपनी मर्जी से एक युवती के साथ विवाह करने पहुंचा तो पीछे से उसके परिजन भी कोर्ट रूम पहुंच गए और फिर कोर्ट रूम में ही वाद विवाद की स्थिति खड़ी हो गई इस दौरान हंगामा इतना बढ़ा कि युवक की मां चिल्लाते चिल्लाते कोर्ट रूम में ही बेहोश होकर गिर पड़ी वहीं युवक के पिता अपने बेटे को ले जाने के लिए जोर जबरदस्ती पर उतर आए जिसे देखते हुए मौके पर उपस्थित पुलिस बल ने युवक के पिता को अलग कराते हुए कोर्ट रूम के बाहर भेजा और बेहोश मां को भी कोर्ट रूम के बाहर करते हुए विवाह की प्रक्रिया संपन्न कराई।


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मां-बाप की बद्दुआ के साथ विदा हुए नव दंपत्ति




युवक और युवती ने अपनी मर्जी से विवाह तो कर लिया लेकिन परिजनों की रजामंदी ना होने के कारण पूरा माहौल गमगीन रहा जैसे ही विवाह संपन्न कराकर युवक और युवती कोर्ट रूम से बाहर निकले वैसे ही इस नव युगल जोड़ें को मां-बाप की बद्दुआओं की बौछार का सामना करना पड़ा । चूंकि परिजनों के हंगामा मचाने के कारण पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था लिहाजा पुलिस की कड़ी सुरक्षा में युवक और युवती को उनके कटनी के सरकारी घर में पहुंचाया गया इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में युवक के मां-बाप की स्थिति देखकर हर कोई अचंभे में था और इस घटना को लेकर एक और जहां प्रेमी युगल के इस कृत्य को जायज ठहराया जा रहा था वही कुछ लोगों की नजर में युवा के मां बाप की स्थिति देखकर हर कोई अचंभे में था।

कलेक्ट्रेट परिसर में रोते बिलखते मां बाप ने इस नव युगल दंपत्ति को जीवन में कभी भी सुखी ना वह पाने का आशीर्वाद दिया। इस पूरी घटना को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित लोग दो खेमे में बट चुके थे एक वे जो इस प्रेमी युगल के कृत्य से सहमत थे तो दूसरे वे जो मां बाप का दिल दुखा कर संपन्न हुए विवाह से असहमत थे।


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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार


 

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