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सोमवार, 21 दिसंबर 2020

जानिए..ऐसा क्या हुआ कि.?? 10 सरकारी और निजी बैंक कर दिए गए सील

जानिए..ऐसा क्या हुआ कि.?? 
10 सरकारी और निजी बैंक
कर दिए गए सील




आपने अक्सर बैंकों के द्वारा लोगों के मकान और दुकान को सील करते हुए कई बार देखा होगा। लेकिन आज जो हम घटना आपको बताने जा रहे हैं वह आपको भी चौकने पर मजबूर कर देगी। दरअसल इस बार बैंक को ही सील कर दिया गया है और एक या दो नहीं बल्कि शहर के 10 सरकारी एवं निजी बैंकों को सरकारी अमले ने तालाबंदी करते हुए सील कर दिया। इस कार्यवाही से एक ओर जहां बैंकों में खलबली मची हुई है वहीं दूसरी ओर आम जनता समझ ही नहीं पा रहे कि आखिरकार सरकारी मुलाजिमों ने बैंकों में ताला क्यों जड़ दिया


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यहां जानिए.. कहां हुई.. बैंकों में सील बंदी की कार्यवाही..




मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले से है जहां पर कलेक्टर के आदेशों का पालन नहीं करने पर निगम के अमले ने 10 से अधिक निजी और सरकारी बैंकों में तालाबंदी की कार्यवाही की है। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो एक के बाद एक आला अधिकारियों की फौज बैंकों की दहलीज पर पहुंचते ही एक्टिव हो गई। जिले के मुखिया का फरमान था कि चिन्हित बैंकों में ताला जड़ दिया जाए लिहाजा अधिकारियों ने किसी की एक न सुनी और निगम के अमले के साथ पहुंचकर बैंकों की शटर गिराकर उन पर सरकारी ताला जड़ दिया।


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प्रधानमंत्री पथ विक्रेता योजना में सहयोग न करना बैंकों को पड़ा भारी




आपको बता दें कि प्रधानमंत्री पथ विक्रेता योजना में सहयोग ना करना इंदौर के 10 सरकारी और निजी बैंकों को काफी भारी पड़ गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन बैंकों को तालाबंदी की कार्यवाही करते हुए सील किया गया है । निगम ने यह कार्यवाही भले ही राजस्व के नाम पर की हो, लेकिन कलेक्टर के आदेश का पालन नहीं करने पर निगम ने बैंकों में ताला जड़ा है। प्रधानमंत्री पथ विक्रेता योजना के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कलेक्टर ने रविवार को भी बैंक खोले रखने के आदेश जारी किए थे।


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लक्ष्य पूरा करने कलेक्टर ने दिए थे..रविवार को भी बैंक खोलने के आदेश


गौरतलब हो कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में पथ विक्रेता योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत छोटे कामकाज प्रारंभ करने के लिए सरकार द्वारा 10000 तक का लोन दिया जाता है इसी कड़ी में निजी और सरकारी दोनों बैंकों को इस योजना के तहत हितग्राहियों को लोन देना है देश के सभी राज्यों और जिलों में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निर्धारित लक्ष्य दिए गए हैं लेकिन इंदौर शहर इस योजना के तहत दिए गए लक्ष्य से काफी पीछे है यही कारण है कि इंदौर कलेक्टर ने रविवार यानी छुट्टी वाले दिन भी सभी बैंकों को खुला रखने के आदेश जारी किए थे।


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रविवार को बैंक पहुंचे हितग्राही लेकिन बैंक थे बंद...




शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के उद्देश्य से कलेक्टर मनीष सिंह ने रविवार को भी बैंक खोलने के आदेश जारी किए थे जिसका बकायदा सरकुलेशन भी जारी किया गया था इसका एकमात्र उद्देश्य ताकि विक्रेताओं को लोन मुहैया कराया जा सके लेकिन इंदौर शहर में कई निजी व सरकारी बैंकों ने कलेक्टर के ही आदेशों की अवहेलना करते हुए अपने बैंकों को बंद रखा था इसकी वजह से कई पथ विक्रेता इस योजना के तहत लोन नहीं ले पाए इन सभी हितग्राहियों को नगर निगम के अधिकारी अपने साथ बैंक लेकर पहुंचे थे।श्रृंगार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम के अधिकारी जब प्रधानमंत्री पत्र विक्रेता के हितग्राहियों को बैंक लेकर पहुंचे तो बैंक बंद मिली है। निगम सीधे बैंक सील नहीं कर सकता था। इसलिए राजस्व बकाया होने पर यह कार्रवाई की गई है।


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आदेशों की अवहेलना पर भड़के कलेक्टर बैंकों को सील करने का दिया आदेश..




जिले के मुखिया ने रविवार को बैंक खोलने का आदेश तो पारित कर दिया लेकिन इस आदेश का सख्ती से पालन नहीं करवा सके यही कारण था कि आधे से अधिक बैंक अपनी मनमानी करते हुए कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना कर बैठे इस बात की जानकारी जब कलेक्टर मनीष से और निगमायुक्त प्रतिभा पाल को लगी तो उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए ऐसे सभी बैंकों को सील करने के आदेश दे दिए अपार आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव ने एसडीएम के साथ शहर के सभी बैंकों का निरीक्षण किया और जो बैंक बंद मिले उन पर सील बंद करने की कार्यवाही की गई।


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार




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