किसान आंदोलन का असर राजधानी में ठप्प हुआ कारोबार 300 करोड़ के नुकसान की संभावना - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

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किसान आंदोलन का असर राजधानी में ठप्प हुआ कारोबार 300 करोड़ के नुकसान की संभावना

किसान आंदोलन का असर
राजधानी में ठप्प हुआ कारोबार 
300 करोड़ के नुकसान की संभावना




लॉक डाउन की मार के बाद जैसे तैसे व्यापारियों ने हिम्मत जुटा ते हुए अपने कारोबार को फिर से खड़ा करने की कोशिश की लेकिन व्यापारियों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है कोरोना के बाद आशा जताई जा रही थी कि कारोबारी दिवाली और नए साल में अपने व्यवसाय को पटरी पर ले आएंगे लेकिन किसान आंदोलन के चलते उनकी रही सही उम्मीदों पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है गौरतलब हो कि किसान आंदोलन के परिणाम स्वरूप बॉर्डर सील कर दी गई है इससे कारोबार काफी प्रभावित हो रहा है देश की राजधानी में आवक से लेकर आपूर्ति तक प्रभावित हुई है सूत्रों के अनुसार इस किसान आंदोलन के साइड इफेक्ट के चलते हैं प्रमुख बाजारों में कारोबार की स्थिति 50% तक नीचे आ चुकी है।


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राजधानी में टूटी कारोबारियों की कमर 300 करोड़ के नुकसान का अनुमान


अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों के इस आंदोलन का साइड इफेक्ट देश के कारोबारियों पर काफी गहरा असर डाल रहा है प्राप्त जानकारी के अनुसार चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने अभी तक 300 करोड़ के कारोबारी नुकसान की संभावना जताई है गौरतलब हो कि किसान आंदोलन के चलते राजधानी और उसके आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के ट्रांसपोर्टर माल ही नहीं ले रहे हैं वही रास्ते में माल की आवक रुक चुकी है जो माल जहां गया था वहां पहुंचा ही नहीं और व्यापारी आपूर्ति न कर पाने के कारण काफी नुकसान सह रहे हैं जानकारों का कहना है कि अगर यह आंदोलन लंबा खींचा तो देश के कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख देगा


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50% तक गिर गया ऑटो पार्ट्स का कारोबार


राजधानी में सबसे ज्यादा फलने फूलने वाला ऑटो पार्ट्स का कारोबार भी इस किसान आंदोलन के असर से अछूता नहीं रहा बल्कि ऑटो पार्ट्स के कारोबार में काफी गिरावट आई है यह किसान आंदोलन का असर ही है कि कश्मीरी गेट ऑटो पार्ट्स मार्केट तकरीबन आधा ठप पड़ा हुआ है गौरतलब हो कि आसपास के क्षेत्रों से गाड़ियों के ऑटो पार्ट्स खरीदने के लिए जिस बाजार में ग्राहकों का तांता लगा रहता था वह बाजार अब वीरान होता था नजर आ रहा है कश्मीरी गेट आर्ट्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव विनय नारंग के अनुसार किसान आंदोलन के चलते पंजाब हिमाचल जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से आने वाली ग्राहक बाजार पहुंच ही नहीं रहे हैं विनय नारंग ने जानकारी देते हुए कहा कि पंजाब के लुधियाना जालंधर मोहाली फगवाड़ा में ट्रैक्टर के पार्ट्स बनते हैं किसान आंदोलन की वजह से आने वाले पार्ट्स में कमी आई है यहां व्यापारियों का स्टॉक भी कम हो गया है जिसके कारण पार्ट्स के भागों में  20% तक की वृद्धि हुई है।


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होजरी की आवक हुई प्रभावित कपड़ा व्यापारियों की उड़ी नींद


दिल्ली की सर्दी से तो आप सभी वाकिफ हैं। और इस मौसम में सबसे ज्यादा फलने फूलने वाला व्यापार होजरी का व्यापार कहलाता है जहां लुधियाना  से आने वाले होजरी कपड़ों को बेचकर व्यापारी और कारोबारी काफी मुनाफा कमाते थे। लेकिन इस बारे सीजन में लुधियाना से आने वाले होजरी आइटम्स में काफी दिक्कतें आ रही हैं जिसके परिणाम स्वरूप होजरी कपड़ों की आवक में 50 फ़ीसदी तक की गिरावट आई है और यही कारण है कि कपड़ों का व्यापार करने वाले व्यापारियों की रातों की नींद उड़ चुकी है सरोजनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा के अनुसार दिवाली के सीजन में कोरोना की मार के बाद भी बेहतर कारोबार हुआ था और कारोबारियों ने अच्छा खासा मुनाफा भी कमाया था यही कारण है कि त्योहार के बाद स्टॉक खत्म हो चला और अब सर्दियों के सीजन में नए स्टॉक के लिए व्यापारी अपना  पैसा फसा चुके हैं लेकिन किसान आंदोलन के चलते ना तो व्यापारियों के पास स्टॉक आया है और ना ही व्यापारियों तक ग्राहक पहुंच रहे हैं नतीजतन होजरी कारोबारियों के ऊपर किसान आंदोलन का काफी व्यापक असर पड़ा है।


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40% तक गिर गया किराना का कारोबार


आम दिनचर्या में सबसे महत्वपूर्ण कारोबार किराने के कारोबार को कहा जाता है। किराने के सामान की जरूरत हर घर की पहली प्राथमिकता होती है लेकिन किसान आंदोलन ने किराना व्यापारियों के कारोबार को भी काफी प्रभावित किया है आंदोलन के चलते बंद हुई सड़कों के कारण किराना के कई उत्पाद की आवक पंजाब हरियाणा हिमाचल और जम्मू कश्मीर से नहीं आ रही है वही दिल्ली से इन राज्य में भेजने में कारोबारियों को काफी परेशानी भी हो रही है यही कारण है कि किराने का कारोबार 40 फ़ीसदी तक प्रभावित हुआ है दिल्ली किराना कमेटी के अध्यक्ष विजय गुप्ता के अनुसार दिल्ली के इन राज्यों को दालें एवं मसालों की आपूर्ति की जाती है जबकि उपरोक्त राज्यों से चावल की आवक होती है आंदोलन के के चलते ना तो आवक ही हो पा रही है और ना ही आपूर्ति।


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हार्डवेयर से जुड़े कारोबार में 30% तक की गिरावट


देशभर में हार्डवेयर से जुड़े उत्पादों की आपूर्ति करने वाली राजधानी दिल्ली मैं हार्डवेयर बाजार किसान आंदोलन के चलते काफी प्रभावित हुआ है बताया जा रहा है कि स्टाफ की कमी होने के चलते कारोबार 30 फ़ीसदी तक कम हो गया है आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पंजाब हरियाणा से बड़ी संख्या में हार्डवेयर का सामान आता है इसमें कृषि उपकरण नट बोल्ट से लेकर लकड़ी व हार्डवेयर के सामान शामिल होते हैं दिल्ली का हार्डवेयर कारोबार राजस्थान एमपी उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है लेकिन सीमाएं बंद होने के कारण ना तो स्टॉक की आवक हो पा रही है और ना ही अन्य राज्यों में इसकी आपूर्ति की जा रही है।


ठंडा पड़ गया होटल कारोबार स्टाफ की पेमेंट तक के पड़ गए लाले


किसान आंदोलन के चलते राजधानी दिल्ली का होटल कारोबार पूरी तरह से ठप होने की कगार पर है राजधानी दिल्ली में जहां देश के विभिन्न राज्यों से व्यापारी आकर होटलों में ठहरते थे किसान आंदोलन के चलते अब होटलों के कमरे खाली पड़े हुए हैं जिस पीक सीजन में होटलों में पैर रखने जगह नहीं हुआ करती थी वहां आज सन्नाटा छाया हुआ दिल्ली होटल एसोसिएशन व पहाड़गंज गेस्ट हाउस एवं होटल फेडरेशन के महासचिव सौरभ छाबड़ा के अनुसार बीते कुछ माह से कोरोनावायरस के चलते होटल कारोबारियों को खासा नुकसान हुआ था लेकिन आशा जताई जा रही थी कि ठंड के सीजन में कारोबार में बढ़ोतरी होगी वही अब किसान आंदोलन की वजह से सड़के जाम हो चली है और होटल कारोबार ठंडा पड़ा है जिस मौसम में कश्मीर और हिमाचल जाने वाले पर्यटकों की बुकिंग की भरमार हुआ करती थी वे सभी पर्यटक या तो सड़कों में फंसे हुए हैं या फिर उन्होंने अपना प्लान ही चेंज कर दिया पर्यटकों द्वारा कराई गई बुकिंग भी दर्द करवा दी गई है कुल मिलाकर होटल कारोबारियों के लिए किसान आंदोलन काफी नुकसान बंद साबित हो रहा है।


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार






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