जानिए क्या हुआ..?? जब सफाई कर्मी को दीवाली में मिले.. मिठाई के डब्बे ने उगले 10 लाख रुपये.. - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

Breaking

जानिए क्या हुआ..?? जब सफाई कर्मी को दीवाली में मिले.. मिठाई के डब्बे ने उगले 10 लाख रुपये..

जानिए क्या हुआ..??

जब सफाई कर्मी को दीवाली में मिले..

मिठाई के डब्बे ने उगले 10 लाख रुपये..




कहते हैं लोग पैसों से नहीं दिल से अमीर होते हैं आज की हमारी कहानी ऐसे ही एक दिलदार सफाई कर्मी महिला की है जिसने अपनी इमानदारी से वह मिसाल पेश की है जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। और उस महिला सफाई कर्मी की इमानदारी ने एक बात तो साबित कर दी है की सिर्फ  पैसों से अमीर नहीं बना जा सकता बल्कि अमीर बनने के लिए एक बेहद ईमानदार दिल होना चाहिए। आपको बता दें कि इस महिला ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए एक दो हजार नहीं बल्कि पूरे 10 लाख रुपए लौटाते हुए अपनी दिलदारी का परिचय दिया है। आइए जानते हैं कौन है यह सफाई कर्मी महिला और क्यों हो रही है इसकी वाहवाही....


*बिना मास्क पहने सड़कों में घूमने फिरने वाले* *हो जाएं सावधान* *क्योंकि अब आ चुका है* *कलेक्टर साहब का फरमान* *बिना मास्क वालों को 10 घंटे की जेल*


कहां का है मामला ? 

कौन है यह महिला..?




यह पूरा मामला देश की राजधानी दिल्ली का है जहां एक बार फिर दिलवालों की दिल्ली वाली कहावत चरितार्थ हुई है। इस पूरी कहानी की नायिका या यूं कहें मुख्य किरदार कांति नगर वार्ड में नगर निगम की एक महिला सफाई कर्मचारी है जिसने अपनी इमानदारी से सभी का दिल जीत लिया है। आपको बता दें कि रोशनी नामक महिला पूर्वी नगर निगम में  स्थाई सफाई कर्मचारी है जो कि मंगलवार की सुबह शंकर नगर एक्सटेंशन की गली नंबर 6 में झाड़ू लगाते हुए सफाई का कार्य कर रही थी। इसी दौरान पास में ही रहने वाले एक बुजुर्ग सोनू नंदा ने महिला सफाई कर्मचारी को एक थैला देते हुए कहा की यह दीपावली की मिठाई है। जिसे लेकर रोशनी अपने घर चली गई घर में जब उसने उस मिठाई के डिब्बे को खोला तो उसमें ₹1000000 रखे हुए थे। एक महिला सफाई कर्मचारी के लिए इतनी बड़ी रकम कोई छोटी मोटी बात नहीं होती और फिर आज के समय में जहां महज हजार या दो हजार रुपयों के लिए लोगों का ईमान बदल जाता है वही इतनी बड़ी रकम को लेकर भी इस ईमानदार महिला कर्मचारी की नियत नहीं डोली उसने तत्काल ही इस पूरे मामले की सूचना वार्ड के सफाई अधीक्षक जीतेंद्र को दी जिसके बाद महिला और वार्ड अधीक्षक ने क्षेत्रीय पार्षद कंचन महेश्वरी के कार्यालय में पहुंचकर उस बुजुर्ग को बुलाया और उन्हें 10 लाख रुपए वापस कर दिए अपनी रकम पाकर सोनू नंदा नामक बुजुर्ग काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने रोशनी की ईमानदारी को देखते हुए 2100 रुपए बतौर इनाम के देते हुए महिला का सम्मान किया।


*दिल्ली में इस बार* *सार्वजनिक रूप से नहीं हो सकेगी* *छठ पूजा* *दिल्ली हाईकोर्ट ने भी दी सहमति..*


क्षेत्रीय पार्षद ने की महिला कर्मचारी की तारीफ

  

इस पूरी घटना को लेकर सफाई कर्मी रोशनी कि पूरे क्षेत्र में वाहवाही हो रही है उसकी ईमानदारी और समझदारी को लेकर क्षेत्रीय पार्षद कंचन महेश्वरी ने कहा कि रोशनी भले ही गरीब स्तर की हो लेकिन उसका दिल करोड़पतियों से भी बड़ा है रोशनी ने अपनी ईमानदारी के चलते वार्ड के साथ-साथ पूरे नगर निगम का नाम भी रोशन कर दिया आपको बता दें कि अक्सर नगर निगम के कर्मचारियों को शक की नजर से देखा जाता है लेकिन रौशनी ने यह साबित कर दिया है कि निगम में ईमानदार लोग भी काम करते हैं


*देश की राजधानी में* *लॉक-डाउन-2* *वैवाहिक उत्सवों की जारी हुई गाइडलाइन..*


बुजुर्ग ने गलती से दे दिया था पैसों से भरा हुआ थैला




इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए 68 वर्षीय वृद्ध सोनू नंदा ने बताया कि उन्होंने भूलवश पैसों से भरे हुए थैले को मिठाई का थैला समझकर सफाई कर्मी महिला कर्मचारी रोशनी को दे दिया था कुछ देर बाद जब सोनू नंदा का पुत्र रुपयों को लेने के लिए पहले की खोजबीन करने लगा तब उन्हें पता चला कि उनके पुत्र ने थैले में ₹1000000 रखे हुए थे जोकि वृद्ध की गलती के चलते सफाई कर्मी तक पहुंच गए थे उनके पास में महिला सफाई कर्मी का कोई भी संपर्क सूत्र नहीं था लिहाजा वे काफी परेशान हो गए थे लेकिन इसी बीच क्षेत्रीय पार्षद कार्यालय से उनके पास में फोन आया जिसके बाद वह अपने बेटे के साथ वहां पहुंचे और जैसे ही उन्होंने महिला सफाई कर्मचारी को पैसों से भरे हुए थैले के साथ देखा तब कहीं जाकर उनकी जान में जान आई।


*ऐसा क्या हुआ ??* *जो घायल मजदूरों को कंधे पर उठाकर* *अस्पताल पहुंचा रही पुलिस..*


 यदि मन सच्चा हो तो दुनिया की कोई भी रकम आपका ईमान खराब नहीं कर सकती- रोशनी


एक बेहद गरीब तबके में गुजर बसर करने वाली महिला सफाई कर्मी रोशनी की ईमानदारी की जितनी तारीफ की जाए उतना कम है अपने साथ घटित हुए घटनाक्रम की जानकारी देते हुए रोशनी ने बताया कि भले ही उसके परिवार में आर्थिक समस्याएं हैं लेकिन इतनी बड़ी रकम को देखेंगे कि बाद उसे एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि वह यह पैसे रख ले बल्कि उसने सोचा कि इतनी बड़ी रकम खो जाने के चलते बुजुर्ग सोनू नंदा काफी परेशान हो रहे होंगे अपनी परेशानी को नजरअंदाज करते हुए रोशनी में बुजुर्ग की समस्याओं को ज्यादा महत्व दिया और अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए 1000000 रुपए की राशि बुजुर्ग सोनू नंदा को सौंप दी ।


*जनसंपर्क सहायक संचालक पर चला* *राज्य सूचना आयोग का चाबुक* *RTI को हल्के में लेना पड़ा भारी...*


नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..


ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार






पेज