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शनिवार, 28 नवंबर 2020

एमपी में पकड़े गए बदमाशों का अब सड़कों पर नहीं निकल पाएगा जुलूस जानिए क्या है कारण..??

एमपी में पकड़े गए बदमाशों का 
अब सड़कों पर नहीं निकल पाएगा जुलूस 
जानिए क्या है कारण..??




अपनी आपराधिक प्रवृत्तियों से जनता के दिल में खौफ पैदा करने वाले बदमाशों पर लगाम लगाने और जनता के दिल से बदमाशों का डर निकालने के उद्देश्य से पुलिस गुंडों का जुलूस निकालती थी। ताकि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ सके और बदमाशों का क्या हाल होता है यह भी जान सके । लेकिन अब जनता यह नजारा नहीं देख पाएगी।


*रंगदारी टेक्स न देने पर* *बदमाशों ने मारी* *ऑटो चालक को चाकू*


मानव अधिकार आयोग के कार्यकर्ताओं को सड़कों पर निकलने वाले बदमाशों के जुलूस से आपत्ति है और उनकी इन्हीं मांग पर पुलिस मुख्यालय ने जुलूस निकाले जाने के संबंध में विशेष निर्देश जारी कर दिए हैं पीएचक्यू में अपराध अनुसंधान विभाग के एडीजीपी कैलाश मकवाणा ने सभी जोनल आईजी डीआईजी एसपी विसबल सेनानी एवं रेल एसपी को निर्देशित करते हुए यह आदेश जारी किया है कि आपराधिक प्रकरणों के आरोपी संदेही एवं पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का किसी भी परिस्थिति में आम जनता के समक्ष जुलूस ना निकाला जाए।


*अधिकारी पेड़ काटने पहुंचे तो..* *पेड़ों को बचाने अर्धनग्न अवस्था में..* *पेड़ों से चिपक गया यह शख्स..* *जानिए आखिर क्या है मामला*


अन्य बदमाशों में खौफ पैदा करता था या जुलूस


मध्यप्रदेश पुलिस ने बदमाशों और अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करने के साथ ही लोगों में विश्वास बनाने के इरादे से इनका जुलूस निकालना शुरू किया था। इसका एक उद्देश्य यह भी था कि लोग इनके बारे में जाने, ताकि ऐसे लोगों से बचकर रहें। इसमें मुख्य रूप से चोरी, लूट, रेप, छेड़छाड़ और गुंडागर्दी करने वाले अपराधी होते थे। पिछले दिनों हाई कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए पुलिस को आरोपियों और संदिग्धों के फोटो जारी करने से रोक लगा दी थी। इसके बाद से मध्यप्रदेश में पुलिस ने सार्वजनिक रूप से आरोपी, संदेही और गिरफ्तार लोगों के फोटो देना बंद कर दिया।


*नाकारा पति को नसीहत देना* *पत्नी को पढ़ा महंगा..* *पत्नी के गले में किया चाकू से वार*


उल्लेखनीय है कि गत 7 नवंबर को पीएचक्यू के निर्देश पर जारी कर पुलिस द्वारा कुख्यात बदमाशों की जुलूस निकालने की परंपरा जारी की थी मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर इस पर आपत्ति की गई थी इस कारण से अब ऐसे जुलूस ऊपर रोक लगा दी गई है।




जरूर पढ़ें : --- *नफरत की दुनिया को छोड़कर..* *खुश रहना...गजराज..* *क्या अब नींद से जागेगा..??* *वन विभाग..*


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चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार





 

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