क्या वाकई चाइना ने बना ली.. कोरोना की सुपर वैक्सीन..?? लाखों में आजमाया.. नहीं हुआ साइड इफ़ेक्ट.. - Vikas ki kalam,जबलपुर न्यूज़,Taza Khabaryen,Breaking,news,hindi news,daily news,Latest Jabalpur News

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क्या वाकई चाइना ने बना ली.. कोरोना की सुपर वैक्सीन..?? लाखों में आजमाया.. नहीं हुआ साइड इफ़ेक्ट..

क्या वाकई चाइना ने बना ली..

कोरोना की सुपर वैक्सीन..??

लाखों में आजमाया..

नहीं हुआ साइड इफ़ेक्ट..




कहते है कि चाइना की टेक्नोलॉजी का कोई तोड़ नहीं..सुई से लेकर हवाई जहाज तक चीन कुछ भी बना सकता है। लेकिन इस बार जो नया इन्वेंशन काफी चर्चा का विषय बना है वह है विश्वभर में हड़कंप मचाने वाले कोरोना की वैक्सीन...रिपोर्ट्स की माने तो चीन ने कोरोना की एक सुपर वैक्सीन बनाने का दावा किया है। खास बात यह है कि इस  वैक्सीन का परीक्षण अब तक 10 लाख लोगों पर किया जा चुका है। जिसके परिणाम अब तक कि बनाई गई वेक्सिनों से काफी प्रभावी है।बताया जा रहा है कि चीन की सुपर वैक्सीन लेने वाले किसी भी व्यक्ति में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं दिखा है। इस टीके को लगवाने वाले शत प्रतिशत लोगों के कोरोना से संक्रमित नहीं होने के कई उदाहरण दिए गए हैं। अपनी पॉवरफुल परफॉर्मेंस के चलते इस वैक्सीन को सुपर वैक्सीन करार दिया जा रहा है। 


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प्रायोगिक टीके को मरीजों को लगाने की मिली अनुमति


चीन के अनुभवी वैज्ञानिकों की टीम और चीनी कंपनी सिनोफार्म द्वारा विकसित इस टीके के परीक्षण का अंतिम चरण अभी नहीं पूरा हो पाया है। लेकिन चीन की सरकार ने आपात स्थिति में इस प्रायोगिक टीके को मरीजों को लगाने की अुनमति दे दी है। चीन की दिग्गज दवा कंपनी सिनोफार्म के चेयरमैन लियू जिंगजेन ने कहा कि जिन लोगों को वैक्सीन दी गई है उनमें गंभीर विपरीत प्रभाव नहीं दिखे, कुछ लोगों ने केवल मामूली परेशानी की शिकायत की। 

बहुराष्ट्रीय कंपनी के चेयरमैन ने कहा- 

हम विदेश में स्थित अपने एक कार्यालय में कार्यरत 99 कर्मचारियों में से 81 लोगों को यह टीका दिया था, कार्यालय में कोरोना फैलने पर पाया गया कि जिन लोगों को टीका दिया गया था उनमें से कोई संक्रमित नहीं हुआ, लेकिन टीका नहीं लगवाने वाले 18 में से 10 लोग संक्रमित मिले। 


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चेयरमैन लियू ने कहा कि 

आपात परिस्थिति में प्रायोगिक टीका केवल उन मजदूरों, छात्रों और राजनयिकों को लगाया गया जो महामारी के दौरान 150 से अधिक देशों की यात्रा पर गए। लेकिन टीकाकरण के बाद इनमें से किसी में संक्रमण नहीं देखने को मिला। गत 6 नवंबर को 56,000 लोगों ने चीन से बाहर रवाना होने से पहले टीका लगवाया। 


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इन 10 देशों में हो रहा मानव परीक्षण


सिनोफार्म कंपनी का टीका अभी तीसरे चारण के मानव परीक्षण से गुजर रहा है। इसका परीक्षण 60 हजार लोगों पर 10 देशों में किया जा रहा है। इन देशों में यूएई, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, पेरु और अर्जेंटीना शामिल हैं। सिनोफार्म कंपनी एक साथ कोरोना के दो टीके विकसित कर रही है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों में से कौन सी वैक्सीन ज्यादा कारगर रही है। 

चीन में प्रायोगिक टीके के इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद दवा कंपनी कैन सिनो बायोलॉजिक्स ने ऐलान किया कि उसे चीन की सेना के जवानों को भी प्रायोगिक टीका लगाने की विशेष अनुमति मिली है। 


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अमेरिकी कंपनी के ऐलान के बाद वैक्सीन बनाने वालों में मची होड़


अमेरिकी कंपनी फाइजर ने जब से 95 फीसदी कारगर कोरोना वैक्सीन बनाने का ऐलान किया है, तब से कई देश कारगर वैक्सीन बनाने का दावा कर चुके हैं। अब इस रेस में चीन भी शामिल हो गया है। गत बुधवार को फाइजर ने कहा था कि उसकी वैक्सीन बुजुर्गों में भी 94.5 फीसदी कारगर है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसके एक दिन पहले मॉडर्ना ने अपने टीके को 94.5 फीसदी कारगर बताया था।


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार





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