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शनिवार, 17 अक्तूबर 2020

दो दोस्तों ने मोबाइल से सेल्फी ली और फिर नदी में लगा दी छलांग जानिए क्या है मामला... विकास की कलम पर....

दो दोस्तों ने मोबाइल से सेल्फी ली

और फिर नदी में लगा दी छलांग

जानिए क्या है मामला...

विकास की कलम पर....




(हाशिम खान- छपारा)

छपारा- सुबह सुबह उस वक्त छपारा में सनसनी फैल गई जिस वक्त छपारा के 2 युवाओं ने वैनगंगा नदी में सेल्फी लेने के बाद छलांग लगा दी।बताया जाता है कि दोनों युवा गणेश यादव पिता नारायण यादव एवं मुकेश विश्वकर्मा  संजय कॉलोनी निवासी हैं मुकेश विश्वकर्मा मिर्ची टोला रहता है गणेश विश्वकर्मा संजय कॉलोनी में रहता है दोनों युवा बस स्टैंड स्थित चाय नाश्ते की होटल में काम किया करते थे।


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मौज में मौत को लगाया गले...


एस आई एस बी सनोरिया के मुताबिक सुबह मुकेश विश्वकर्मा अपने मित्र गणेश यादव के पास घर पहुंचा। और उसे बस स्टैंड ले आया। दोनों बस स्टैंड आए और चाय पीकर वैनगंगा नदी की ओर टहलने चले गए। इसी दौरान दोनों ने नदी में सेल्फी भी ली।  वही मुकेश ने गणेश को कहा कि नहाने का मन कर रहा है। इसके बाद दोनों ने कपड़े उतार कर सीधे वैनगंगा नदी में छलांग लगा दी। नदी इन दिनों लबालब भरी हुई है। नदी में बहा अधिक होने से  मुकेश विश्वकर्मा जब नदी के पानी में डूबने लगा तो गणेश  ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है।


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मुकेश की हुई मौत गोताखोरों ने गणेश को बचाया


हंसी मजाक के दौरान नदी में छलांग लगाने के बाद जब गणेश को एहसास हुआ कि उसका दोस्त मुकेश डूब रहा है तो गणेश ने मुकेश को बचाने की भरसक कोशिश की।लेकिन वह उसे नहीं बचा पाया। क्योंकि नदी में बहा बहुत तेज था लिहाजा वह खुद भी नदी में तैरते तैरते थक गया ।इसी दौरान नदी में नहाने गए दो युवा आशीष सिंह ठाकुर और गब्बर श्रीवास्तव ने उसे भी डूबता देख उन्हें नदी में तैरते हुए गणेश यादव की जान बचा ली वही वैनगंगा नदी में मुकेश विश्वकर्मा डूब गया जिस की डूबने से मौत हो गई ।


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एनडीआरएफ की टीम ने खोजी मुकेश कि लाश


एनडीआरएफ की कड़ी मशक्कत के बाद लाश को वैनगंगा नदी से निकाला गया है जिससे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है गौरतलब है कि इससे पूर्व भी ब्रिटिश कालीन ब्रिज से कई लोगों ने छलांग लगाकर जान गवा दी है वहीं स्थानीय लोगों के द्वारा अब मांग की जा रही है ब्रिज के आसपास ऊंची जाली लगाई जाए ताकि कोई नदी में इस तरह जान ना गवाएं।


*बीमार मां को देखने अस्पताल जा रही नाबालिका का* *रास्ते से अपहरण कर..किया गया गैंगरेप* *मां दिनभर अस्पताल में करती रही इन्तेजार*


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विकास की कलम

चीफ एडिटर

विकास सोनी

लेखक विचारक पत्रकार



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