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सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

कबाड़ कारोबारी... का कॉल..बना.. पुलिस महकमे का सरदर्द.. कॉल रिकार्डिंग में एडीजी को धमकी.. (मेरी गाड़ी नहीं छूटी तो मधुकुमार साहब जैसा हाल कर दूंगा)

कबाड़ कारोबारी... का कॉल..बना..

पुलिस महकमे का सरदर्द..

कॉल रिकार्डिंग में एडीजी को धमकी..

(मेरी गाड़ी नहीं छूटी तो मधुकुमार साहब जैसा हाल कर दूंगा)




एमपी पुलिस महकमे की मुश्किलें बढ़ाने वाला एक और ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो चुका है बीते दिनों शहडोल संभाग के कई ग्रुपों में एक ऑडियो ने काफी खलबली मचाई हुई है।

 ऑडियो में जिन दो लोगों के बीच बात हो रही है, उसमें से एक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) जी. जनार्दन राव और दूसरा जबलपुर का बड़ा स्क्रैप (कबाड़) कारोबारी शमीम है। 


आईपीएल के सटोरियों पर पुलिस का शिकंजा


कथित ऑडियो में कबाड़ कारोबारी द्वारा पुलिस अधिकारी को गाड़ी छोडऩे के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ऑडियो में एडीजी साहब को बार-बार धमकाया भी जा रहा है। कथित ऑडियो में आप भी साफ सुन सकते है कि कबाड़ कारोबारी खुले लहजे में धमकी दे रहा है कि अगर मेरी गाड़ी नहीं छूटी तो... लेनदेन के सभी ऑडियो और वीडियो मेरे पास हैं। ऊपर तक शिकायत करूंगा। गाड़ी नहीं छूटी तो मधुकुमार साहब जैसा हाल कर दूंगा


बहरहाल ये आडियो कब का है और इस तरह की बातचीत कैसे हुई ...ये अभी जांच का विषय है।लेकिन मामला रेंज के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ है ,लिहाजा मामला और भी गमबीर हो गया है।और दूसरी तरफ बात करने वाला व्यक्ति भले ही स्क्रैप का बड़ा कारोबारी हो, लेकिन आम भाषा में उसे कबाड़ी ही कहा जाता है। जिस लहजे में कथित ऑडियो में कारोबारी ने रेंज के मुखिया से बात की है। उससे एक बात तो साफ झलक रही है कि कहीं न कहीं अधिकारी का हाथ दबा है। वरना एक व्यापारी पुलिस महकमे के इतने बड़े अधिकारी को   धमका दे और महकमे से चूँ भी न निकले ये कैसे हो सकता है......


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जानिए क्या कहते है एडीजी साहब...


सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है ऑडियो के संबंध में शहडोल रेंज के एडीजी जनार्धन राव ने भी इस ऑडियो के विषय मे जानकारी देते हुए बताया कि .... यह ऑडियो जुलाई माह का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के नौरोजाबाद थाने में शमीम की गाड़ी पकड़ी गई थी, इस संदर्भ में उसने फोन लगाया था, शमीम से उनके कोई रिश्ते नहीं है, यह अनपौचारिक बात थी। उन्होंने यह भी बताया कि जब गाड़ी के दस्तावेजों की जांच की गई तो, बाकी सब दस्तावेज सही पाये गये थे, लेकिन जिस वाहन को काटकर स्क्रैप ले जाया जा रहा था, उसे काटने के लिए परिवहन विभाग से अनुमति ली जानी चाहिए थी, लेकिन कारोबारी ने ऐसा नहीं किया।


वीडियो ख़बर के लिए यहां क्लिक करें...




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विकास की कलम

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विकास सोनी

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