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शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

चीन की चालाकी का जबाब देगी AK-203 रायफल.... जानिए क्या है रायफल की खूबी...

चीन की चालाकी का जबाब देगी AK-203 रायफल....
जानिए क्या है रायफल की खूबी...

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जिस बात का पूरे देश को इन्तेजार था। आखिरकार वह समझौता भारत के रक्षा मंत्री के विदेश दौरे में सफल हो ही गया। अच्छी ख़बर यह है कि,
हिंदुस्तान और रूस के बीच बहुचर्चित AK 203 रायफल की खरीद का समझौता हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ के मॉस्को दौरे पर इस डील पर मुहर लग गई है। और अब चीन की चालाकी को मुँह तोड़ जबाब देने के लिए भारतीय सेना के हाथों में AK-203 रायफल होंगी।

आखिर क्या है..AK-203 रायफल


आमजनों की जानकारी में अभी तक सिर्फ AK-47 रायफल ही रही है। जिनका जिक्र अक्सर फिल्मों एवं न्यूज़ चैनलों में सुनाई दे ही जाता था। लेकिन आज हम जिस उन्नत तकनीक से लैस रायफल की बात करने जा रहे है वह बहुचर्चित AK-47 से भी दस कदम आगे है।
AK 203 रायफल AK-47 का एडवांस्ड वर्जन है. भारतीय सेना को 7 लाख 70 हज़ार AK 203 रायफल की ज़रूरत है. इनमें से 1 लाख AK 203 रायफल रूस से आयात की जाएंगी.

AK-47 का अविष्कार किसने किया


पूरे विश्व मे अपनी अलग पहचान बना चुकी लोकप्रिय रायफल एके-47 किसी पहचान की मोहताज नहीं है।
AK-47 दुनिया की सबसे पहली और शायद सबसे अच्छी अस्सौल्ट राइफल मानी जाती है। इसका विकास सोवियत संघ के मिखाइल कलाश्निकोव ने किया था, इसी कारण इसे कभी कभी कलाशनिकोव राइफल भी कहा जाता है।AK 47 का पूरा नाम Automatic Kalashnikov(कलाश्निकोव) 47 है, इस राइफल का निर्माण वर्ष 1947 में शुरु हुआ था . और इसका नाम Mikhail (मिखाइल) Kalashnikov (कलाश्निकोव) के नाम पर पड़ा था, जिन्होंने इस रायफल को डिज़ाइन किया था

भारतीय सेना की ताकत बनेगी-एक-203

भारतीय सेना को ओर घातक बनाने के लिए अब इसे नए हथियारों से लैस किया जा रहा है. इसके लिए एके 47 रायफलों को रिप्लेस कर ज्यादा आधुनिक एके 203 रायफल दिए जाने पर काम चल रहा है.

AK-47 का उन्नत वर्जन है AK-203

Kalashnikov कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ मिखाइल बताते हैं कि ये पहले से कहीं ज्यादा आधुनिक और नए जमाने के मुताबिक बनाई गई रायफल है. AK-203 रायफल पर पहले की AK-47 रायफलों की तरह भरोसा किया जा सकता है. ये बहुत जरूरी है कि एक सैनिक अपने हथियार पर पूरा भरोसा करता हो.

भारत मे बनेंगी.. 7.5 लाख AK-203 रायफल

समझौते के तहत भारत और रूस मिलकर उत्तर प्रदेश के अमेठी में एके सीरीज़ की सबसे आधुनिक राइफल बनाएंगे. Make In India के तहत यहां साढ़े सात लाख राइफलें बनाई जाएंगी. रूस के फेडरल मिलिट्री Cooperation के डायरेक्टर दिमित्री सुगायेव कहते हैं कि AK-203 से हमें ज्यादा सफलता मिलेगी. यह दूसरी रायफलों से अलग है. भारत ऐसा पहला देश है जिसके साथ मिलकर Kalashnikov रायफल बनाई जाएंगी.

हर तरह के मौसम में काम करेगी AK 203 रायफल

हर मौसम में काम करना भी AK 203 की बड़ी खूबी है. ये रायफल सियाचिन की माइनस 35 डिग्री की ठंड, थार रेगिस्तान की धूल भरी हवा और North East की Non Stop बारिश वाले मौसम में भी बिना रूके काम करेगी. AK 203 की गोलियां फायर करने की रफ्तार भी काफी तेज है. ये रायफल 60 सेकेंड में 600 गोलियां दाग सकती है. यानी एक सेकेंड में 10 गोलियां. ऐसी घातक क्षमता का मुकाबला करना किसी के लिए भी आसान नहीं है.

नाइट विजन वाले कैमरे भी लगाए जा सकते हैं

भारतीय सैनिक चौबीसों घंटे आतंकवादियों से लड़ने के लिए तैयार रहते हैं. इसलिए AK 203 रायफल में Night Vision यानी रात में देखने में मदद करने वाले उपकरण भी लगाए जा सकते हैं. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में AK सीरीज की रायफल इस्तेमाल की जाती है.

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ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार



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