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बुधवार, 26 अगस्त 2020

रौब जमाने का था शौक़... तो पहन ली फर्जी वर्दी... पढ़िए अनोखी कहानी...

रौब जमाने का था शौक़...
तो पहन ली फर्जी वर्दी...
पढ़िए अनोखी कहानी...

आजतक आपने लोगों के तरह तरह के शौक़ देखे व सुने होंगे। जिसे पूरा करने की चाहत में लोग किसी भी हद से गुजर जाते है। शायद इसीलिए कहा भी जाता है
शौक़ बड़ी चीज है...
लेकिन किसी का शौक जब दूसरों के लिए  सज़ा बन जाये तो क्या होगा...??
आज हम आपको एक ऐसे ही दिलचस्प व्यकित की कहानी सुनाने जा रहे है। जिसने अपने शौक के चलते खुद को एक बड़ी मुसीबत में फंसा लिया। और अब उसके पास केवल पछतावा बचा है।

कौन है वो शौकीन कहाँ का है मामला

कहानी की शुरुआत मध्यप्रदेश के दतिया से शुरू होती है। जहां सोनागिरि रेलवे स्टेशन पर एक आरपीएफ की वर्दी पहने एक सिपाही आनेजाने वाले राहगीरों पर बेवजह रौब दिखाता नज़र आया।
महोदय का नाम पुष्पेंद्र सिंह अहिरवार निवासी जिला दतिया का बताया जा रहा है।

कैसे हुआ फर्जी आरक्षक का भंडाफोड़

झांसी आर.पी.एफ पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि सोनागिरि रेलवे स्टेशन पर एक सिपाही जनता पर रौब दिखा रहा है। सूचना पर तुरंत उप निरीक्षक रविन्द्र सिंह राजावत झाँसी रेलवे स्टेशन स.उ.नि सुंदर लाल दतिया बाह्य चौकी हमराह स्टाफ के साथ सोनागिरि रेलवे स्टेशन पहुँचे व आर.पी.एफ की वर्दी में मय फर्जी आई कार्ड एक व्यक्ति को पकड़ लिया जिसने आर.पी.एफ के बेज, बैरेट कैप, बेल्ट इत्यादि पहना हुआ था।

पूछताछ में निकली दिलचस्प कहानी

पूछताछ में उसने अपना नाम पुष्पेंद्र सिंह अहिरवार पुत्र रूप सिंह अहरवार उम्र-26 वर्ष निवासी- ग्रा. एरई थाना- बड़ौनी जिला-दतिया, म.प्र बताते हुए कहा कि वह किसी अच्छी लड़की से शादी करना चाहता था व अपने गाँव मे रौब जमाना चाहता था इसलिए उसने तकरीबन 8 महीने पहले आर.पी.एफ की बर्दी तैयार करवाई व तब से ही किसी न किसी रेलवे स्टेशन पर जाता है व जनता पर रौब जमाता है। इसी तरह वह अपने गाँव मे भी वर्दी पहनकर घूमता है व रौब जमाता है। उसने यह भी बताया कि उसकी शादी एक अच्छी लड़की से तय भी हो गयी थी। शादी होती तब तक पुलिस ने फर्जी आर.पी.एफ जवान को धर दबोचा।

फर्जी आरक्षक पर हुआ मामला दर्ज

उक्त फर्जी आरक्षक को मय फर्जी आई कार्ड के अग्रिम कार्यवाही के लिए आर.पी.एफ /दतिया को सुपुर्द किया गया, जहाँ उसके विरुद्ध अ.क्र. 117/20 धारा अंतर्गत 171,  420, 467, 468, 471 आई.पी.सी के तहत मामला पंजीकृत किया गया।

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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