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गुरुवार, 27 अगस्त 2020

अगर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने आया है फोन.... तो हो जाए.. सावधान..

अगर क्रेडिट कार्ड की 
लिमिट बढ़वाने
आया है फोन....
तो हो जाए.. सावधान..

देश के डिजिटाइजेशन के बाद से ही सायबर ठग काफी सक्रिय हो गए है। महज एक फोन कॉल से ये लोग लाखों रुपये उड़ा ले जाते है।
कभी एटीम रिन्यू के नाम पर...
तो कभी बम्फर इनाम का लालच देकर..
और न जाने क्या-क्या..??
लेकिन इन दिनों इन नटवरलालों ने एक नया ही हथकंडा अपनाया है। अब ये आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए बाकायदा कंपनी का अधिकारी बनकर आपसे बात करते है। फिर बातों ही बातों में आपकी पर्सनल इन्फॉर्मेशन लेकर आपके खाते से बचे कूचे रूपयों का भी सफाया कर देते है।

देश के कई राज्यों में है नेटवर्क..

इस पूरे मामले का खुलासा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सायबर पुलिस ने किया है। उन्होंने ग्वालियर के डाबर क्षेत्र  से इस गिरोह के कुछ नटवरलालों को धर दबोचा है।भोपाल सायबर पुलिस की गिरफ्त में आए 7 लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है।खास बात यह है कि.. ये लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर फंसाते थे। ये काफी प्रोफेशनल गिरोह के सदस्य है जिनका नेटवर्क मध्यप्रदेश समेत देश कई राज्यों में ऑनलाइन ठगी करने का काम करता है। इनके जाल में आम भोली भाली जनता के साथ साथ कई पढ़े लिखे लोग और अधिकारी भी फंस चुके है।

असिस्टेंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर को बनाया था शिकार..

भोपाल की सायबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले जिस गिरोह को  पकड़ा है, उसमें शामिल जालसाजों ने भोपाल में असिस्टेंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर भावना पांडेय को भी निशाना बनाया था।
उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी कि, उनके पास क्रेडिट कार्ड कंपनी से एक फोन आया था।जिसमे उनसे उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का ऑफर देते हुए उनकी पर्सनल जानकारी ली गयी।इसके बाद देखते ही देखते क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर उनके खाते से 80 हजार रुपए निकाल लिए थे। चार इमली निवासी भावना पांडेय की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये रहते थे संपर्क में...

साइबर पुलिस डबरा से आरोपी नरेंद्र प्रजापति, मोहित गुप्ता, कृष्ण पाल सिंह, सतीश दुबे, विकास जैन और एक नाबालिग को भोपाल लाई है। पकड़े गए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी एयरटेल मनी अकाउंट दिल्ली और अन्य राज्यों में साइबर क्राइम करने वाले जालसाजों तक पहुंचाते थे। हर फर्जी सिम और फर्जी मनी अकाउंट के बदले उन्हें 500 रुपये मिलते थे। गिरफ्तार आरोपितों ने वॉट्सएप पर फ्रॉड केवाईसी, फ्रॉड मनी, फ्रॉड एयरटेल मनी के नाम से ग्रुप बना रखे थे। इन ग्रुप्स के माध्यम से आरोपी अन्य राज्यों के जालसाजों के संपर्क में लंबे समय से बने थे।

खास तरह की एप का करते है इस्तेमाल

उन्हें फर्जी आईडी या केवाईसी सिम वॉलेट की आवश्यकता होती थी,  तो वह जालसाज इस गिरोह से संपर्क करते थे। आरोपित फेक आईडी मेकर एप्लीकेशन की मदद से अपना ही फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड,  वोटर आईडी तैयार कर लेते थे। पकड़े गए बदमाशों से साइबर पुलिस पूछताछ कर रही है।

विकास की कलम की अपील

विकास की कलम अपने जागरूक पाठकों से अनुरोध करती है। कि वे इस डिजिटल समय मे काफी सावधान रहें। कोई भी बैंक अपने खाता धारकों से उनकी निजी जानकारी नहीं मांगता। लॉटरी या बम्फर इनाम के चक्कर मे किसी को भी जानकारी न दें। एटीएम बैंड होने की स्थिति पर बैंक शाखा पर सम्पर्क करें। यदि आपके पास किसी भी तरह का संन्दिग्ध फोन आता है तो तत्काल उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
खुद भी जागरूक बनें..
ओरों को भी जागरूक करें...

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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